
सूरत. गोडादरा तीन रास्ता इलाके में मच्छर पैदा करने वाले मनपा के खुले प्लॉट को लेकर शनिवार को राजस्थान पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद मनपा प्रशासन हरकत में आया। सुबह ही मनपा के आरोग्य (स्वास्थ्य) विभाग के कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंच गई। मनपा कर्मचारियों ने प्लॉट के आस-पास स्थित प्रियंका सिटी पल्स अपार्टमेंट, कुबेरनगर सोसायटी, शिवकृपा सोसायटी और शक्तिनगर में मच्छरों को खत्म करने के लिए फोगिंग की। वहीं, दूसरी टीम ने इन सोसायटियों के बीचों-बीच स्थित प्लॉट और उसके रास्ते पर जमा पानी को फैलाकर निकालने का प्रयास किया। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने प्लॉट के बीचों-बीच जमा पानी में मच्छरों की उत्पति रोकने के लिए दवा का छिड़काव किया।
गौरतलब है कि लंबे समय प्रशासनिक बेरुखी का शिकार मनपा का यह प्लॉट गोडादरा तीन रास्ता क्षेत्र के लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। इस खुले प्लॉट में झाडिय़ां और कचरे के ढेर लगे होने से दुर्गन्ध और गाहे बगाहे मच्छर और सांप निकलने की समस्या तो पहले से ही थी। वहीं, मानसून के चलते जलजमाव शुरू हो गया था। इसकी वजह से इलाके में मच्छरों का उपद्रव बढ़ गया था।
स्थाई समाधान की दरकार
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से लोगों को फौरी तौर पर कुछ राहत तो मिली है, लेकिन समस्या का स्थाई हल नहीं हो पाया है। प्लॉट में अभी भी कचरे के ढेर लगे है जिनकी सफाई नहीं हो पाई है। वहीं, प्लॉट के मध्य में ढलान होने के कारण जलजमाव की समस्या का भी स्थाई समाधान नहीं हो पाया है। लोगों का कहना हैं कि जब तक इस प्लॉट की पूरी तरह से साफ सफाई नहीं होगी और प्लॉट से पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होगी तब तक समस्या का स्थाई समाधान नहीं होगा। मनपाकर्मियों ने एक दो दिन में सफाई करवाने का आश्वासन दिया है।
जैविक दवा का उपयोग
गोडादरा वार्ड के प्राइमरी हेल्थ वर्कर तुषार नायक ने बताया कि मच्छरों की उत्पति रोकने के लिए वोक्टोबैक (जैविक दवा) का उपयोग किया जाता है। किसी रासायनिक दवा का उपयोग नहीं किया जाता है। इस दवा में सूक्ष्म जंतु होते हैं। जिन्हें मच्छरों के लार्वा खाते हैं। खाने के बाद वे उनके पेट में फटते हैं। जिससे लार्वा मर जाते हैं।