
ग्रीन कैम्पस से होगी पहचान, स्कूलों का होगा कायाकल्प
विनीत शर्मा
सूरत. ग्रीन सूरत, क्लीन सूरत की मुहिम पर आगे बढ़ते हुए मनपा प्रशासन शहर के स्कूलों का कायाकल्प करने जा रहा है। देश में पहली बार स्कूलों को ग्रीन कैम्पस के रूप में डवलप करने की योजना है। प्रोजेक्ट की शुरुआत में मनपा संचालित 15 स्कूलों को चुना गया है। यह प्रोजेक्ट इन स्कूलों को देशभर में खास पहचान दिलाएगा।
पारंपरिक ऊर्जा स्रोत से निर्भरता कम करने के संयुक्त राष्ट्रसंघ दुनियाभर में अभियान चलाए हुए है। 2030 तक नॉन मोटर्ड व्हीकल के इस्तेमाल के साथ ही उसका फोकस रिन्यूएबल एनर्जी पर निर्भरता बढ़ाने पर है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश का मुख्यमंत्री रहते हुए गुजरात में सौर ऊर्जा के प्रयोग की प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया था। सूरत देश के उन शहरों में से एक है, जिन्हें सौर शहर के क्लब में शामिल किया गया है। इसके बाद से ही मनपा प्रशासन रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस कर रहा है।
मनपा के रिन्यूएबल एनर्जी विभाग ने इसी कड़ी में अब शहर में ग्रीन कैम्पस तैयार करने की योजना पर कवायद शुरू की है। इसकी शुरुआत शहर में मनपा संचालित स्कूलों से हो रही है। इस मास्टर प्रोजेक्ट के लिए 15 स्कूलों का चुनाव किया गया है। इन स्कूलों को ग्रीन कैम्पस के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस तरह ग्रीन होंगे स्कूल कैम्पस
ग्रीन कैम्पस स्कूलों में इनडोर और आउटडोर एनर्जी एफिशियंट एलइडी लाइटों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा रेन वाटर हार्वेस्टिंग, रूफटॉप ग्रिड कनेक्टिड सोलर पावर प्लांट और विभिन्न रिन्यूएबल एनर्जी कंपोनेंट्स स्कूल में लगाए जाएंगे। इनमें सोलर वाटर हीटर, सोलर कुकर, सोलर एयर कंडीशनर, सोलर लालटेन समेत अन्य उपकरण शामिल हैं।
मनपा के इस अभियान में ओएनजीसी और बिजली कंपनी टोरंट पावर ने भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की पहल की है। चिन्हित स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का खर्च ओएनजीसी वहन करेगी और टोरंट पावर एलइडी लाइट, फाइव स्टार रेटिड पंखे स्कूलों को देगी। स्कूलों में रूफ टॉप ग्रिड कनेक्टिड सोलर पावर प्लांट्स की लागत का 25 फीसदी केंद्र सरकार की ग्रांट से मिलेगा। शेष राशि मनपा खुद वहन करेगी।
अभिनव प्रयोग में मनपा आगे
यह संभवत: देश का पहला प्रोजेक्ट है, जिसमें ग्रीन कैम्पस तैयार करने की योजना है। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद सभी १५ स्कूलों को देशभर में पहचान मिलना तय है। मनपा पहले भी इस तरह के अभिनव प्रयोग कर चुकी है, जिन्हें देशभर में सराहना मिली है। आउटर रिंगरोड का खर्च प्रोजेक्ट से ही निकालना इसी तरह का प्रोजेक्ट था, जिसे केंद्र सरकार ने अन्य प्रदेशों के लिए भी सराहनीय बताया था।
इन स्कूलों का होगा कायाकल्प
ग्रीन कैम्पस के रूप में डवलप होने वाले स्कूलों में स्कूल संख्या 289 ललिता चौकड़ी कतारगाम, 274 विरमनगर वेडरोड, 188 सिंगणपोर गाम, 180 रुपल सोसायटी वेडरोड, 173 कासानगर कतारगाम, 172 कतारगाम जैन देरासर, 171 कतारगाम पुलिस स्टेशन के समीप, 249 लक्ष्मीनगर करंज, 122 कमलपार्क सोसायटी करंज, 271 विवेकानंद सोसायटी करंज, 07 अठवा जोन ऑफिस के समीप, 01 ओलपाडी मोहल्ला अठवालाइंस, 11 अंबानगर अलथाण टेनामेंट, 13 अलथाण और 05 पुलिस हैडक्वार्टर्स अठवा लाइंस शामिल हैं।

Published on:
04 Aug 2018 07:07 am
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