सूरत समेत दक्षिण गुजरात में उद्यमियों पर कार्रवाई
सूरत
जीएसटी लागू होने के एक साल बाद भी कई व्यापारी और उद्यमी रिटर्न फाइल नहीं कर रहे हैं। इससे सरकार को करोड़ों की चपत लग रही है। स्टेट जीएसटी विभाग ने पिछले दिनों ऐसे व्यापारियों को ढंूढ कर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। सूरत समेत दक्षिण गुजरात में 11 स्थानों पर छापे मारकर टैक्स, ब्याज और पैनल्टी समेत 50 लाख रुपए वसूले गए। सूरत समेत दक्षिण गुजरात में 11 स्थानों पर छापे मारकर टैक्स, ब्याज और पैनल्टी समेत 50 लाख रुपए वसूले गए>
सूत्रों के अनुसार जीएसटी विभाग पहले नियम नए होने के कारण कार्रवाई नहीं कर रहा था, लेकिन अब विभाग ने टैक्स चोरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। कुछ व्यापारी ट्रांस-1 रिटर्न तो फाइल कर रहे थे, ताकि उनसे माल खरीदने वालों को क्रेडिट मिल जाए, लेकिन वह ट्रांस-3 रिटर्न फाइल नहीं कर रहे थे। इससे सरकार को टैक्स नहीं मिल पा रहा था। ऐसे व्यापारी इ-वे बिल भी जनरेट कर रहे थे। इस तरह वह जीएसटी के नियमों का उपयोग अपने हित में कर रहे थे और ट्रांस-3 रिटर्न फाइल नहीं कर सरकार को टैक्स का नुकसान पहुंचा रहे थे। जीएसटी विभाग ने ऐसे व्यापारियों को सिस्टम की मदद से ढूंढ निकाला। एक महीने पहले रिटर्न फाइल नहीं करने वाले हजारों व्यापारियों को नोटिस भेजकर टैक्स भरने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद टैक्स नहीं भरने वालों के यहां कार्रवाई की गई। सूरत समेत दक्षिण गुजरात में कपड़ा व्यवसायी, यार्न व्यवसायी और मार्केटिंग एजेंसियों सहित अन्य उद्यमियों के यहां छापे की कार्रवाई में 50 लाख रुपए वसूल किए गए। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों स्टेट जीएसटी विभाग की पेट्रोलिंग टीम ने सूरत हाइवे से गुजर रहे 21 टाइल्स भरे ट्रकों को रोक कर लगभग 30 लाख रुपए की जीएसटी चोरी पकड़ी थी। जीएसटी रिटर्न फाइल नहीं करने पर 11 जगह छापे, 50 लाख वसूले
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