न्यू सिविल अस्पताल में मंगलवार को राज्य स्वास्थ्य आयुक्त ने अचानक एनआइसीयू वार्ड का डेढ़ घंटे तक निरीक्षण किया। बाद में उन्होंने कॉलेज...
सूरत।न्यू सिविल अस्पताल में मंगलवार को राज्य स्वास्थ्य आयुक्त ने अचानक एनआइसीयू वार्ड का डेढ़ घंटे तक निरीक्षण किया। बाद में उन्होंने कॉलेज के डीन और अस्पताल अधीक्षक के साथ बैठक की। उन्होंने सीटी स्कैन मशीन जल्दी चालू होने की बात कही है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री किशोर कानानी ने शुक्रवार को न्यू सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया था। इसके बाद मंगलवार को राज्य स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. जयंती एस. रवि न्यू सिविल अस्पताल पहुंचीं। बताया जा रहा है कि डॉ. जयंती वलसाड धरमपुर क्षेत्र में गई थीं। वहां से लौटते समय उन्होंने अचानक न्यू सिविल अस्पताल के निरीक्षण का निर्णय किया। अचानक उनके अस्पताल पहुंचने से प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई।
एनआईसीयू वार्ड में वह करीब डेढ़ घंटे रहीं। इस वार्ड का उद्घाटन पिछले दिनों उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने किया था। यह राज्य के बेहतर आईसीयू वार्ड में से एक है। यहां से डॉ. जयंती मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। उन्होंने डीन डॉ. जयेश ब्रह्मभट्ट, न्यू सिविल अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम.के. वाडेल समेत अन्य चिकित्सकों के साथ बैठक की। इसमें सीटी स्कैन मशीन के बारे में चर्चा हुई। डॉ. जयंती ने जल्द नई आधुनिक सीटी स्कैन मशीन मिलने की जानकारी दी।
दलाल और व्यापारी २४.७० लाख रुपए के हीरे ले उड़े
महिधरपुरा हीरा बाजार के एक हीरा व्यापारी से एक दलाल समेत दो जने २४ लाख ७० हजार रुपए के कच्चे हीरे लेकर रफूचक्कर हो गए। महिधरपुरा पुलिस ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक वेडरोड आंगन रेजिडेंसी निवासी दलाल डाह्या सोनाणी और कापोद्रा सम्राट सोसायटी निवासी भावेश वाघाणी ने कतारगाम में शीतल अपार्टमेंट निवासी बिपिन वासाणी के साथ धोखाधड़ी की। डाह्या सोनाणी और भावेश पिछले साल २० जून को महिधरपुरा जदाखाड़ी के रंगरेज टावर में हीरे का कारोबार करने वाले बिपिन से मिले थे।
डाह्या ने भावेश की एक बड़े व्यापारी के रूप में पहचान देकर उसे भरोसे में लिया। दोनों ने ४११.६० कैरेट कच्चे हीरों का ९०.२५ डॉलर प्रति कैरेट के हिसाब से सौदा किया। उसके बाद ३७ हजार १४६ डॉलर यानी २४ लाख ७० हजार रुपए के हीरे किसी पार्टी को दिखाने के बहाने ले गए, लेकिन उन्होंने न तो हीरे लौटाए और न ही भुगतान किया। कुछ समय तक टालमटोल करते रहे और फिर बाजार से रफूचक्कर हो गए। दोनों से संपर्क नहीं होने पर बिपिन ने पुलिस से संपर्क किया।