सुसाइड नोट में कर्ज बढऩे से आत्महत्या करने की बात लिखी
सूरत. कतारगाम क्षेत्र के एक बिल्डर ने शनिवार दोपहर को अपने ऑफिस में ही फांसी लगा ली। घटना को लेकर रियल एस्टेट क्षेत्र में हडक़ंप मच गया है। बिल्डर ने आत्महत्या से पहले लिखे सुसाइड नोट में कर्ज बढऩे से परेशान होने का जिक्र किया है। पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
पुलिस के मुताबिक मृतक बिल्डर का नाम नागजी धामेलिया था। मूलत: भावनगर जिले की उमराला तहसील के पिपरालीगांव तथा यहां कतारगाम आंबा तलावडी की रॉयल पार्क सोसायटी निवासी नागजी धामेलिया सिविल इंजीनियर थे और लंबे समय से वह नेस्ट बिल्डकॉन और पार्थ कंट्रक्शन के नाम से व्यवसाय करते थे। कतारगाम धोलकिया गार्डन के पास पटेल पार्क कॉम्प्लेक्स में उनका ऑफिस है। शनिवार दोपहर ऑफिस बॉय खाना खाने निकला, इसके बाद नागजी ने फांसी लगा ली। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे ऑफिस बॉय लौटा तो उसने नागजी को फंदे पर लटका पाया। उसने नागजी के परिजन और आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस और परिचित लोग मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान पुलिस को ड्रॉअर से सुसाइड नोट मिला। पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट में नागजी ने उसके सिर पर काफी कर्ज हो गया है और वह यह बात किसी को नहीं बता सकता, इसलिए आत्महत्या करने का जिक्र किया है। नागजी धामेलिया की आत्महत्या की खबर फैलने के बाद बिल्डर लॉबी में हडक़ंप मच गया है। घटना को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
दोनों अभियुक्तों की अग्रिम जमानत नामंजूर
सूरत. स्कूल संचालक ब्लैकमेल करने के मामले में दायर दोनों अभियुक्तों की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने नामंजूर कर दी।
सरथाणा के आशादीप स्कूल के संचालक ने अल्पेश डोंडा समेत 11 अभियुक्तों के खिलाफ ब्लैकमेल करने का मामला दर्ज करवाया था। आरोप के मुताबिक अभियुक्तों ने एक युवती को स्कूल की शिक्षिका के तौर पर पेश कर उसका फर्जी इंटरव्यू किया, जिसमें युवती ने स्कूल संचालक पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। इसके बाद इस वीडियो इंटरव्यू के आधार पर स्कूल संचालक को ब्लैकमेल कर रुपयों की मांग करने लगे। मामले में आरोपित संकेत हीराभाई प्रजापति और मितेश हरीश मेहता ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। अंतिम सुनवाई के बाद शनिवार को सेशन कोर्ट ने दोनों की याचिकाएं नामंजूर कर दी।