
सिलवासा. आषाढ़ी दूज के दिन 4 जुलाई को सवेरे साढ़े नौ बजे भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलराम के साथ बाविसा फलिया जलाराम मंदिर से नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। पिछले 9 वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार यात्रा से पूर्व जलाराम मंंदिर में विभिन्न रस्में अदा की जाएंगी। साधुओं की उपस्थिति में सभी विधियां संपन्न होंगी।
रथयात्रा की तैयारियां चालू
जगन्नाथ सेवा समति के प्रमुख अशोक पटेल ने बताया कि रथयात्रा की तैयारियां चालू हो गई हैं। सजे धजे रथ में भगवान की प्रतिमा को पीले वस्त्रों से अलंकृत किया जाएगा। चार जुलाई को भगवान की यात्रा सवेरे साढ़े नौ बजे निर्धारित रूट से गुजरेगी। रथयात्रा से पूर्व सूर्य पूजा, पंचदेव पूजन एवं हवन, पहंडी विधि, छेरा पहरा आदि रस्म अदा की जाएंगी। मंदिर से निकलने के बाद बाद भगवान का रथ विभिन्न हिस्सों से गुजरता हुआ नरोली रोड गुलमोहर पहुंचेगा। गुलमोहर में 9 दिन प्रतिदिन पूजा, आरती, प्रसाद सेवन और सांस्कृतिक कार्यक्रम रखे हैं। 12 जुलाई को दोपहर 12.39 बजे गुलमोहर से भगवान की बाहुड़ा यात्रा निकलेगी, जो पुन: जलाराम मंदिर में आकर विसर्जित होगी।
दो मंजिला जगन्नाथ मंदिर एक वर्ष में तैयार होने की संभावना
जगन्नाथ भगवान का दो मंजिला मंदिर सामरवरणी में बन रहा है। यह मंदिर एक वर्ष में तैयार होने की संभावना है।