रघुनंदन मार्केट के व्यापारी से धोखाधड़ी करने के आरोप में हुए थे गिरफ्तार
सूरत. रघुनंदन मार्केट के कपड़ा व्यापारी से लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार कोलकाता के दोनों कपड़ा व्यापारियों की नियमित जमानत याचिका सेशन कोर्ट ने नामंजूर कर दी।
कोलकाता निवासी प्रदीप अग्रवाल और गोपाल चंदगोथिया तथा दलाल और पांच अन्य व्यापारियों के खिलाफ रघुनंदन मार्केट में दिव्या इम्पैक्स के नाम से व्यापार करने वाले हेमंत कन्हैयालाल बांगड ने सलाबतपुरा थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। आरोप के मुताबिक अभियुक्त कपड़ा व्यापारी प्रदीप अग्रवाल ने 16.90 लाख और गोपाल चंदगोथिया ने 11.22 लाख रुपए का माल दलाल शिवकुमार अग्रवाल के जरिए उधार में खरीदा था। इसके अलावा अन्य पांच व्यापारियों ने भी 51 लाख रुपए का माल उधार में खरीदा। जब पैमेंट चुकाने की बारी आई तो सभी मुकर गए। हेमंत बांगड़ की शिकायत पर सलाबतपुरा पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर अभियुक्त प्रदीप अग्रवाल और गोपाल चंदगोथिया को गिरफ्तार कर लिया था, तब से दोनों न्यायिक हिरासत में कैद हैं। दोनों ने नियमित जमानत के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता निमेष दलाल ने शपथ पत्र पेश किया, वहीं लोकअभियोजक एस.आई.घासुरा ने दलीलें पेश की। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों की याचिकाएं नामंजूर कर दी।
स्कूल संचालक को बदनाम कर ब्लैकमेल करने के मामले में दोनों अभियुक्तों की अग्रिम जमानत नामंजूर
सूरत. स्कूल संचालक ब्लैकमेल करने के मामले में दायर दोनों अभियुक्तों की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने नामंजूर कर दी।
सरथाणा के आशादीप स्कूल के संचालक ने अल्पेश डोंडा समेत 11 अभियुक्तों के खिलाफ ब्लैकमेल करने का मामला दर्ज करवाया था। आरोप के मुताबिक अभियुक्तों ने एक युवती को स्कूल की शिक्षिका के तौर पर पेश कर उसका फर्जी इंटरव्यू किया, जिसमें युवती ने स्कूल संचालक पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। इसके बाद इस वीडियो इंटरव्यू के आधार पर स्कूल संचालक को ब्लैकमेल कर रुपयों की मांग करने लगे। मामले में आरोपित संकेत हीराभाई प्रजापति और मितेश हरीश मेहता ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। अंतिम सुनवाई के बाद शनिवार को सेशन कोर्ट ने दोनों की याचिकाएं नामंजूर कर दी।