सूरत

भगवान महावीर जन्म वाचन आज

श्रद्धालु बांटेंगे मोदक

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Sep 09, 2018
patrika
भगवान महावीर जन्म वाचन आज


सूरत. पर्युषण महापर्व के दौरान रविवार को शहर में जगह-जगह संतवृंद के सान्निध्य में कल्पसूत्र का वाचन शुरू किया गया। इसमें कैलाशनगर, भटार, उमरा, घोडदौडऱोड, कतारगांव, गोपीपुरा, नानपुरा समेत विभिन्न उपाश्रयों में गुरु भगवंतों को कल्पसूत्र ग्रंथ अर्पित किए गए। मॉडलटाउन अचलगच्छ जैन संघ में साध्वी भद्रगुणाश्री, रांदेर रोड लाडुवा श्रीमाली जैन उपाश्रय में ज्ञानरश्मिविजय महाराज के प्रवचन हुए। इस अवसर पर महाराज ने बताया कि कल्पसूत्र में भगवान महावीर के 27 भव यात्रा, त्रिशला के देखे गए 14 स्वप्न, 24 तीर्थंकरों एवं साधु समागत का वर्णन है। सोमवार को कई जगह गुरु भगवंतों के सान्निध्य में कल्पसूत्र द्वारा भगवान महावीर का जन्म वाचन होगा। जन्म वाचन होते ही श्रद्धालु खुशी से एक-दूसरे का मुंह मीठा कराएंगे।


अभिनव सामायिक दिवस मनाया


सिटीलाइट के तेरापंथ भवन में साध्वी सरस्वती समेत अन्य के सान्निध्य में रविवार को अभिनव सामायिक दिवस मनाया गया। इस दौरान साध्वी ने बताया कि मन को जिसने वश में करना सीख लिया उसने बहुत कुछ हासिल कर लिया। मन की एकाग्रता में महान शक्ति है। मनोनिग्रह करने वाला कई सिद्धियां प्राप्त कर लेता है। वहीं, साध्वी संवेगप्रभा व साध्वी नंदिताश्री ने श्रावकों को अभिनव सामायिक का प्रयोग करवाया।
कामरेज के तेरापंथ भवन में रविवार को पर्युषण पर्व के दौरान सामायिक दिवस मनाया गया। इस अवसर पर प्रवचन में मुनि प्रसन्नकुमार ने श्रद्धालुओं को बताया कि सामायिक आने वाले पाप कर्मों को रोकने व समता की साधना का अनुष्ठान है। वहीं, मुनि संजयकुमार ने भी प्रवचन में सामायिक दिवस समेत तीर्थंकर भगवान के बारे में भवन में मौजूद श्रद्धालुओं को जानकारी दी। मुनि प्रकाशकुमार ने प्रायोगिक रूप से अभिनव सामायिक भी करवाई।
वहीं, उधना के महावीर भवन में पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के चौथे दिन रविवार को सुबह भगवान महावीर स्वामी के जन्मकल्याणक का वाचन किया गया। इसमें साध्वी डॉ. सुलोचना ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भगवान महावीर के जन्मकल्याणक के बारे में बताया।

Published on:
09 Sept 2018 08:09 pm