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शिवालयों में उमड़े श्रद्धालु

श्रावण मास पूर्ण

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शिवालयों में उमड़े श्रद्धालु


सूरत. भाद्रपद अमावस्या के मौके पर रविवार को सुबह से श्रद्धालु बड़ी संख्या में शहर के विभिन्न शिवालयों में उमड़े। श्रावण मास के पूर्ण होने पर तापी व नर्मदा स्नान कर श्रद्धालुओं ने गाय व जरूरतमंदों के बीच आवश्यक वस्तुओं का दान किया। इस मौके पर जगह-जगह भजन-कीर्तन के आयोजन भी किए गए।
गुजराती पंचांग के मुताबिक श्रावण मास की शुरुआत श्रावण अमावस्या (हरियाली अमावस्या) से हुई थी। रविवार को भाद्रपद अमावस्या के साथ ही शिव आराधना का श्रावण मास पूर्ण हो गया और इस अवसर पर सुबह से ही शहरभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने शिवालयों के बाहर भगवान महादेव की पूजा-अर्चना के लिए कतार में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार किया। बाद में उन्होंने भगवान महादेव का विधिविधान से पूजन-अभिषेक कर बिल्वपत्र अर्पित किए। भाद्रपद अमावस्या व श्रावण की पूर्णाहुति पर रविवार को शहर के कतारगांव में कंतारेश्वर महादेव मंदिर, वराछा में कामनाथ महादेव मंदिर व सिद्धकुटीर, उमरा में रुंढनाथ महादेव मंदिर, अठवालाइंस में इच्छानाथ महादेव मंदिर के अलावा ओलपाड के निकट सिद्धनाथ महादेव मंदिर में श्रद्धालु बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इसके अलावा शहर में सूर्यपुत्री तापी नदी के नानपुरा में नावड़ी घाट, चौक बाजार में राजा व डक्का घाट, जहांगीरपुरा में कुरुक्षेत्र घाट, वराछा में सिद्धकुटीर घाट आदि पर बड़ी संख्या में सुबह महिलाएं एकत्र हुई और श्रावण की पूर्णाहुति व अमावस्या पर स्नान कर शिवालय में अभिषेक किए।

मंदिर में गूंजे भजन


सुथार समाज की ओर से शनिवार रात भटार के विश्वकर्मा मंदिर प्रांगण में आयोजित भजन संध्या देर तक जमी। राजस्थान में नागौर से आए गायक संपत दाधीच के अलावा स्थानीय गायक विषअणु जोशी, कैलाश सुथार, सीताराम वैष्णव आदि ने भजनों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर विश्वकर्मा भजन एलबम का विमोचन भी किया गया। भजन संध्या के दौरान पथमेड़ा गौधाम के संत स्वामी मुकुंदप्रकाश महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गौसेवा का महत्व समझाया। वहीं, दिवंगत संत तरुणसागर महाराज व पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी को समाज की ओर से भगवद्गीता के पांच श्लोक के माध्यम से श्रद्धांजलि दी गई।