उधना-जलगांव ताप्ती लाइन पर नंदुरबार-डोंडाइचा रेल खंड पर दोहरीकरण का कार्य अंतिम चरण में है। फिनिशिंग कार्य खत्म होने के बाद सीआरएस को इंस्पेक्शन ...
सूरत।उधना-जलगांव ताप्ती लाइन पर नंदुरबार-डोंडाइचा रेल खंड पर दोहरीकरण का कार्य अंतिम चरण में है। फिनिशिंग कार्य खत्म होने के बाद सीआरएस को इंस्पेक्शन के लिए बुलाया जाएगा। मुम्बई मंडल प्रबंधक ने बचे हुए कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार उधना-जलगांव दोहरीकरण कार्य लगभग पूरा होने को है। उधना-चलथान के बीच दोहरीकरण कार्य पूरा किया जा चुका है। २१ फरवरी को मुम्बई, वेस्टर्न सर्किल के कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) सुशील चन्द्रा ने नए रेलवे ट्रेक का निरीक्षण किया था। उधना से चलथान तक नए ट्रेक पर १२० किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से स्पेशल ट्रेन चलाकर ट्रायल रन भी किया गया। सभी मानकों पर ट्रेक खरा उतरा और सीआरएस ने इस पर ट्रेनों का परिचालन शुरू करने का सर्टिफिकेट दे दिया।
नंदुरबार-डोंडाइचा स्टेशन के बीच बाकी कार्य 31 मार्च तक पूरा किया जाना था, लेकिन यह समय पर पूरा नहीं हो सका। मुम्बई मंडल रेल प्रबंधक मुकुल जैन ने पिछले बुधवार को इस खंड का निरीक्षण किया। उनके साथ मुम्बई मंडल के सीनियर डीओएम (जी) विनीत अभिषेक, इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी बी.के. मिश्रा, पियुष पांडे, डीसीएम शैलेन्द्र चौधरी भी थे।
उन्होंने ट्रॉली से सेक्शन की जांच की और संबंधित अधिकारियों को तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। रेल अधिकारियों ने बताया कि डीआरएम ने पंद्रह दिन में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सूरत स्टेशन डायरेक्टर सी.आर. गरूड़ा ने बताया कि तकनीकी कार्य पूरा होने के बाद सीआरएस को इंस्पेक्शन के लिए बुलाया जाएगा। उनके सर्टिफिकेट के बाद उधना-जलगांव ताप्ती लाइन दोहरीकरण का कार्य पूरा हो जाएगा।
पटरियां मिलने में देरी
उधना-जलगांव ताप्ती लाइन करीब ३०६ किलोमीटर का सेक्शन है। रेलवे को पटरियां समय पर नहीं मिलने के कारण इस सेक्शन में कार्य देर से पूरा हुआ है। उधना-जलगांव दोहरीकरण का कार्य दिसम्बर २०१७ तक पूरा होना था, लेकिन बाद में मार्च २०१८ की डेडलाइन तय की गई। अप्रेल के अंतिम सप्ताह तक यह कार्य पूरा होने की उम्मीद जताई गई है।