
सिलवासा. शारदीय नवरात्र की शुरुआत बुधवार से घट स्थापना के साथ हो गई। सुबह श्रेष्ठ मुहूर्त में मंदिरों समेत श्रद्धालुओं ने घरों में घट स्थापना की और मातारानी की पूजा-आराधना की। स्कूलों में भी मां जगदम्बे की आराधना बच्चों ने भी की। एपीजे अब्दुल कलाम सरकारी महाविद्यालय में विद्यार्थियों ने घट स्थापना कर गरबा नृत्य किया।
शहर के किलवणी नाका, पंचायत मार्केट, आमली, सुन्दरवन सोसायटी, बहुमाली, टोकरखाड़ा जंक्शन, गायत्री ग्राउंड, इन्दिर नगर में माता की विभिन्न मुद्रा वाली प्रतिमाएं स्थापित की गई है। बिन्द्राबीन मंदिर दुर्गा चालीसा, महाआरती आदि के आयोजन जारी है। किलवणी नाका के पास पंडाल में विधिविधान से पूजा की गई। गायत्री मंदिर, दादरा, नरोली, मसाट, सामरवरणी, रखोली, मधुबन, दपाड़ा, खडोली, खानवेल में नवरात्र पर्व की पूजा-अर्चना शुरू हो गई है। चौक-चौराहे पर रात में गरबा के आयोजन होने लगे है।
फोटो-कॉलेज में पूजा, भजन गाती महिलाएं व गरबा खेलते बच्चे
किसानों को मिलेंगे मधुमक्खी पालणा
कृषि विभाग गुरुवार को करीब 1600 किसानों को मधुमक्खी पालन बॉक्स प्रदान करेगा। रूदाना ग्राम पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में किसानों को मधुमक्खी पालणा बॉक्स के साथ भूमि हेल्थ कार्ड भी दिए जाएंगे। कार्यक्रम में प्रशासक प्रफुल्ल पटेल, सांसद नटू पटेल मौजूद रहेंगे।
कृषि अधिकारी सुरेश भोया ने बताया कि रूदाना ग्राम पंचायत में एक हजार 600 किसानों को मधुमक्खी पालणा व करीब 14 हजार किसानों को भूमि हेल्थ कार्ड गुरुवार को आयोजित समारोह में दिए जाएंगे। प्रदेश में पहली बार मधुमक्खी पालन व्यवसाय की शुरुआत हो रही है। मॉडल विलेज योजना में किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रशासन ने मधुमक्खी पालन की दिशा में किसानों का ध्यानाकृषण किया। कृषि के विकास के लिए फसल, सब्जियां और फलों के भरपूर उत्पादन के अतिरिक्त किसानों की दूसरे स्त्रोत में आय बढ़ाने के लिए यह सराहनीय कदम है। मधुमक्खी पालन कम खर्चीला घरेलू उद्योग है, जिसमें आय, रोजगार व वातावरण शुद्ध रखने की क्षमता है। मधुमक्खी पालन से कृषि व बागवानी उत्पादन बढ़ाने की क्षमता भी रखता है। इसमें शहद व मोम के अतिरिक्त अन्य पदार्थ जैसे गोंद, प्रोपोलिस, रायल जेली, डंक विष भी प्राप्त होते हैं। साथ ही मधुमक्खियों से फूलों में परप्रजनन होने के कारण उपज में अतिरिक्त वृद्धि होने लगती है।