
सूरत. मां जगद्जननी की आराधना का शक्ति पर्व रविवार को आश्विन शुक्ल प्रतिपदा के साथ शुरू हो गया। नवरात्र पर्व में मां भगवती की आराधना के दौर के बीच जगह-जगह गरबा आयोजन भी शुरू हो गए है। नवरात्र पर्व की धूम 8 अक्टूबर विजयादशमी तक जारी रहेगी।
मां भगवती की उपासना का दौर रविवार सुबह कलश एवं जवारा स्थापना के साथ परवान चढ़ा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने श्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 22 मिनट से 7 बजकर 45 मिनट के अलावा अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 54 मिनट से दोपहर 12 बजकर 41 मिनट के दरम्यान घर, प्रतिष्ठान, सोसायटी समेत अन्य स्थलों पर घट स्थापना की। इसके अलावा ज्यादातर श्रद्धालुओं ने चौघडि़ए के अनुसार सुबह 7 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 17 मिनट के बीच चर-लाभ-अमृत के चौघडि़ए में भी घट स्थापना की। उधर, नवरात्र पर्व के प्रथम दिवस पार्ले पोइंट में अंबिकानिकेतन के अम्बाजी मंदिर, बालाजी रोड पर जुना अंबाजी मंदिर, पार्ले पोइंट में राधाकृष्ण एवं अष्टादश भुजा माता मंदिर, परवत पाटिया में भक्तिधाम मंदिर, अश्विनीकुमार रोड पर उमिया धाम, आंजणा में मोमाई माता मंदिर, भवानीवाड़ में भवानी मंदिर, चौटा पुल के निकट काली मंदिर व सप्तशृंगी मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुबह से देर रात तक भीड़ मौजूद रही।
निकली शोभायात्रा, उमड़ी भीड़
सिटीलाइट के वैष्णोधाम प्रांगण में नवरात्र पर्व की शुरुआत में रविवार सुबह शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु मौजूद रही। आराधिका माताजी ने बताया कि सिटीलाइट के राणी सती मंदिर से निकली शोभायात्रा बाद में विभिन्न मार्ग से होकर तेरापंथ भवन के सामने वैष्णोद्वार पहुंची। शक्ति पर्व के दौरान सुबह-शाम नियमित पूजा-अर्चना, आरती, भोग के अलावा रोजाना राजरानी के समक्ष भजन-कीर्तन का दौर आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से शुरू हो गया।