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भारतीय रेलवे का नया कीर्तिमान: गुजरात में स्टेशन पर 9 घंटे में बना देश का पहला हाईटेक RUB, जानें कैसा तैयार हुआ ब्रिज

Udhna Railway Station RUB : उधना रेलवे स्टेशन पर देश में पहली बार अत्याधुनिक तकनीक की मदद से प्लेटफॉर्म संख्या-6 पर मात्र 9 घंटे में रेलवे अंडर ब्रिज (आरयूबी) का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
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सूरत

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kamlesh sharma

Jul 19, 2026

Udhna Railway Station RUB

सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर अत्याधुनिक रेलवे अंडर ब्रिज (आरयूबी) का निर्माण पूरा किया। फोटो पत्रिका नेटवर्क

Indian Railway News : सूरत। पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल ने तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए भारतीय रेलवे के इतिहास में मिसाल कायम की है। उधना रेलवे स्टेशन पर देश में पहली बार अत्याधुनिक तकनीक की मदद से प्लेटफॉर्म संख्या-6 पर मात्र 9 घंटे में रेलवे अंडर ब्रिज (आरयूबी) का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह अपनी तरह का पहला सफल तकनीकी परीक्षण है, जो भविष्य में रेलवे परियोजनाओं के लिए नया मानक स्थापित कर सकता है।

रेलवे में पहली बार इस तकनीक का किया परीक्षण

मुंबई सेंट्रल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) पंकज सिंह ने बताया कि भारतीय रेलवे में पहली बार इस तकनीक का परीक्षण उधना स्टेशन पर किया गया। यह परियोजना तकनीकी दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन रेलवे इंजीनियरों और कर्मचारियों ने निर्धारित समय सीमा में इसे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। रेलवे का मानना है कि चलती रेल रेल सेवाओं के बीच इतने कम समय में आरयूबी का निर्माण भारतीय रेलवे के लिए बड़ी तकनीकी उपलब्धि है।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस सफल परीक्षण के बाद भविष्य में अन्य रेलवे मंडलों में भी इसी तकनीक को अपनाने का मार्ग प्रशस्त होगा। सामान्य सीमेंट वाले स्ट्रक्चर से बनने वाले आरयूबी के तुलना में आधा खर्च में बनाया गया है और कम समय में कार्य पूरा करके ट्रेनों का संचालन सुचारू कर दिया गया।

ऐसे तैयार हुआ ब्रिज

आरयूबी निर्माण के दौरान ट्रैक कट एंड कवर मेथड का उपयोग किया गया। स्टील आर्च तकनीक से पैदल चलने वाले यात्रियों के लिए सब-वे बनाया गया। सबसे पहले सर्वे और खुदाई की गई, जिसके बाद ग्रेन्यूलर सब बेस (जीएसबी) बिछाया, क्रेन की मदद से मजबूत एम 50 ग्रेड के आरसीसी फूटिंग रखे गए और फिर स्टील शीट को बोल्ट के जरिए जोड़ा गया। भारी स्ट्रक्चर को उठाने के लिए बड़ी क्रेन और खुदाई करने के लिए जेसीबी मशीनों का उपयोग किया। 9 घंटे चले काम में 175 से अधिक रेलवे मंडल एवं एलएंडटी के अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।