नए भारत के लिए सूरत में हजारों दौड़े, नाइट मैराथन से सूरतीयों को कराया गति, एकता और एक्शन का संकल्प
सूरत. लाल भाई कांट्रेक्टर स्टेडियम में रन फॉर न्यू इंडिया के लिए पहुंचे हजारों सूरतीयों को फ्लैग दिखाने से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आगामी पांच साल में देशवासियों से नई सोच के साथ बदलाव लाने का संकल्प कराया। मोदी ने कहा कि जिस तरह आजादी से पहले 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देशवासियों के संकल्प के कारण महज पांच साल बाद अंग्रेजों को भारत छोडऩा पड़ा, आज उसी संकल्प से हम 2022 में आजादी की 75वीं सालगिरह को मनाएंगे। पांच साल तक समाज की विकृतियों को नष्ट कर न्यू इंडिया का सर्जन करें।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नाइट मैराथन में उमड़ी भीड़ को देखकर सूरतीयों के जज्बे को सराहा। उन्होंने कहा कि यह सूरत ही है, जो कर दिखाता है। मोदी ने कहा कि सवा सौ हिन्दुस्तानियों के संकल्प से हम विश्व में अपना परचम लहरा सकते हैं। इच्छा यदि संकल्प बनती है तो हर असंभव को हासिल किया जा सकता है। हिन्दुस्तानी यह संकल्प करें कि हम रुकने वाले नहीं है, देश थमने वाला नहीं है तो हमारा यह सपना कि विश्व में भारत का बोलबाला हो, जरूर पूरा होगा। प्रधानमंत्री ने बदली हुई वैश्विक परिस्थितियों की चर्चा करते हुए कहा कि दुनिया में भारत के अनुकूल माहौल बना है। विश्व में भारत के महात्म्य को समझने और स्वीकारने की स्थिति बनने लगी है। अब यह आवश्यक है कि हम अपनी कमियों को कम करें, उनसे मुक्ति पाएं।
ऐसा हो न्यू इंडिया
प्रधानममंत्री ने न्यू इंडिया के बारे में बताते हुए कहा कि न्यू इंडिया का मतलब समाज जातिवाद के जहर से मुक्त हो, सम्प्रदायवाद के वाद-विवाद से परे हो, भ्रष्टाचार का यहां कोई स्थान नहीं हो, बहन-बेटियों का सम्मान हो, गरीबी-गंदगी से मुक्त हो और सभी नौजवानों को उनके सपने के अनुकूल काम करने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि सामान्य आदमी जो ठान लेता है, वह करके रहता है। सूरत के लोगों के उत्साह को देखकर मोदी ने कहा कि सूरत ने एकता और एक्शन को जोड़ा है। मैराथन एक सिम्बल है, जो कहता है आगे जाना, गति से जाना और लक्ष्य प्राप्त करना।
नागरिक फिट तो देश कभी अनफिट नहीं
मोदी ने सरदार पटेल जयंती पर 31 अक्टूबर को सूरतीयों को एक बार फिर से दौडऩे का स्मरण कराया। उन्होंने कहा कि इस दिन पूरा देश एकता के संकल्प के साथ दौड़ेगा। जिस तरह सरदार पटेल ने देश को एक किया, इस एकता की दौड़ में देशवासी भाग ले। इसके अलावा उन्होंने 21 जून को योग दिवस की तैयारी में अभी से जुटकर रिकॉर्ड तोडऩे की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के नागरिक फिट रहेंगे तो देश कभी अनफिट नहीं हो सकता।
धावकों का सम्मान
प्रधानमंत्री ने कई जाने-माने धावकों को पुरस्कृत किया इनमें प्रीति खुराना, डॉ. पूजा नाडकर्णी, सरिता गायकवाड़, अनलि मांडवीवाला आदि शामिल थे।