सूरत

अब प्रदूषण से उखड़ती सांसों की वजह पर होगी सीधी नजर

विकास के बीच प्रदूषण सूरत की बड़ी समस्या बनता जा रहा है। इसके कारण सांस के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो...
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Aug 24, 2018
Now it will be a direct sight on the causes of bouts of pollution
Now it will be a direct sight on the causes of bouts of pollution

सूरत।विकास के बीच प्रदूषण सूरत की बड़ी समस्या बनता जा रहा है। इसके कारण सांस के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। कमजोर पड़ती सांसों की गति की वजह प्रदूषण के कारण हवा में घुल रही खतरनाक गैस हैं।

प्रदूषण पर तो नियंत्रण संभव रहा नहीं, लेकिन मनपा प्रशासन लोगों की उखड़ती सांसों की वजह बन रहे प्रदूषण की हवा में मात्रा को सामने रखने जा रहा है। इसके तहत स्मार्ट हो रहे सूरत में मनपा प्रशासन प्रदूषण के रियल टाइम स्टेटस को डिस्प्ले करने की कवायद में जुटा है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत एरिया बेस डवलपमेंट क्षेत्र डुंभाल में डिस्प्ले मॉनिटर लगाए जाएंगे, जहां वातावरण में उसी वक्त प्रदूषण की हालत लोग जान पाएंगे। प्रदूषण नियंत्रण के साथ ही प्रदूषण को मापना भी आसान नहीं होता। ऐसे में प्रदूषण की हालत को रियल टाइम पर डिस्प्ले कर लोगों के सामने रखना सूरतीयों के लिए सपना ही था। यह सपना जल्द पूरा होने वाला है।

पहले चरण में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े सूरत में मनपा प्रशासन ऐसे डिस्प्ले मॉनिटर लगाने जा रहा है, जिन पर रियल टाइम प्रदूषण की मात्रा लोगों को बताई जाएगी। लिंबायत और वराछा की सात टीपी स्कीम से बने डुंभाल प्रोजेक्ट के तहत मनपा प्रशासन ने एरिया बेस डवलपमेंट का काम हाथ में लिया है।
स्मार्ट सिटी के तहत प्रदूषण के पायलट प्रोजेक्ट के लिए भी मनपा ने इसी क्षेत्र को चुना है। यहां प्रोजेक्ट सफल रहा तो भविष्य में शहर के अन्य क्षेत्रों में भी इस पर अमल हो सकता है।

पांच जगह होंगे डिस्प्ले

लिंबायत और वराछा जोन में प्रदूषण मापने के यंत्र रखे जाएंगे और स्मार्ट सिटी एरिया में पांच डिस्प्ले मॉनिटर लगाएं जाएंगे। मॉनिटर पर उस जोन क्षेत्र की हवा में प्रदूषण के कारकों का रियल टाइम स्टेटस डिस्प्ले किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक इसका ट्रायल सफल रहा है और जल्द ही डिस्प्ले मॉनिटर लगाकर इस पर अमल भी शुरू हो जाएगा।

प्लास्टिक का बोल्ट निगलने से ३ साल के बच्चे की मौत

चौक बाजार क्षेत्र में तीन साल के बच्चे की प्लास्टिक का बोल्ट निगलने से मौत हो गई। डायमंड के व्यवसाय से जुड़े सिंगणपोर सूर्यम रेजिडेंसी निवासी जयदीप गोटी के इकलौता पुत्र क्रिशीव (३) ने घर में खेलते हुए प्लास्टिक का बोल्ट निगल लिया। परिजन उसे अस्पताल ले गए। चिकित्सक ने बोल्ट तो निकाल दिया, लेकिन बाद में बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई। सांस लेने में तकलीफ के कारण मौत की आशंका जताई जा रही है। न्यू सिविल अस्पताल के सीएमओ डॉ. ओमकार चौधरी ने बताया कि गले में कोई वस्तु फंसने पर सांस लेने में दिक्कत आ सकती है। ऑक्सीजन की कमी के कारण दिमाग को नुकसान हो सकता है।

Published on:
24 Aug 2018 10:05 pm