
सूरत
डेढ़ महीने से साप्ताहिक अवकाश की मांग कर रहे एम्ब्रॉयडरी श्रमिकों की मांग सोमवार को मान ली गई। कलक्टर की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में कलक्टर ने सभी एम्ब्रॉयडरी एसोसिएशन के दो दिन में साप्ताहिक अवकाश की सूचना यूनिट के बाहर लगाने का निर्देश दिया।
मिली जानकारी के अनुसार शहर के कई क्षेत्रों में पिछले डेढ़ महीने से एम्ब्रॉयडरी यूनिट में सप्ताहिक अवकाश और वेतन बढ़ाने तथा पहचानपत्र देने सहित कई मांगे कर रहे थे। इस कारण लिंबायत, पूणागाम, सचिन तथा वेडरोड क्षेत्र में कई स्थानों पर कारखानों में तोडफ़ोड़ की घटनाएं भी हुई थी। इसे देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने श्रमिक संगठन, लेबर डिपार्टमेन्ट और एम्ब्रॉयडरी एसोसिएशन की मीटिंग कर मामले को सुलझाने को कहा था। इस सिलसिले में श्रमिक संगठनों ने कुछ दिनों पहले अपनी मांगों का ज्ञापन दिया था। उस सिलसिले में सोमवार को कलक्टर की अध्यक्षता में फैक्टरी विभाग, लेबर डिपार्टमेन्ट,एम्ब्रायडरी एसोसिएशन की मीटिंग मिली। मीटिंग में एम्ब्रॉयडरी एसोसिएशन ने सप्ताह में एक दिन के अवकाश की बात मान ली। साथ ही दो दिन में छु्ट्टी का परिपत्र जारी कर देने का आश्वासन दिया। इसके अलावा पहचानपत्र देने की बात भी मानी। श्रमिक संगठनों की ओर से ईएसआईसी की सुविधा की मांग रखी गई थी। उस पर भी आगामी दिनों में मीटिंग रखी जाएगी। श्रमिक संगठन के शान खान ने बताया कि मीटिंग में श्रमिकों की एक दिन छुट्टी की बात मान ली गई है और अन्य कुछ मुद्दो पर बाद में मीटिंग होगी।
कम दर पर बिजली देेने की मांग
राज्य सरकार की ओर से आगामी दिनों में टैक्सटाइल पॉलिसी घोषित की जानी है। इसके पहले चेम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी सोमवार को टैक्सटाइल कमिश्नर से मिले और महाराष्ट्र की तर्ज पर कम कीमत पर बिजली देने की मांग की है।
चेम्बर के प्रमुख हेतल महेता ने बताया कि चेम्बर की ओर से टैक्सटाइल कमिश्नर को सूरत के वीवर्स को साढ़े तीन रूपए प्रति यूनिट के अनुसार बिजली मुहैया कराने की मांग की। इसके अलावा लंबे समय से वीवर्स की इन्टरेस्ट सब्सिड़ी बाकी है वह भी जल्द दिलाई जाने को कहा