गोल्डन ब्रिज के दक्षिणी किनारे नदी पेटे में सडक़ निर्माण कार्य में अनुपयोगी रहे डामर का मलबा नर्मदा नहीं में फेंके जाने पर नर्मदा प्रदूषण...
भरुच।गोल्डन ब्रिज के दक्षिणी किनारे नदी पेटे में सडक़ निर्माण कार्य में अनुपयोगी रहे डामर का मलबा नर्मदा नहीं में फेंके जाने पर नर्मदा प्रदूषण निवारण समिति ने राज्य सरकार और ठेकेदार के खिलाफ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में याचिका दाखिल की। गोल्डन ब्रिज के समांतर नया पुल निर्माणाधीन है।
वहीं पुराने सडक़ों को तोडक़र नए रास्ते का निर्माण किया जा रहा है। पुराने रास्ते के मलबे तथा डामर की सही ढंग से निस्तारण करने के बजाय इसे नर्मदा नदी किनारे लाकर बहा दिया गया। नदी पट को डामर व मलबे के कारण पर्यावरण और जलजीवों को हो रहे नुकसान की बात को ध्यान में रखकर याचिका दाखिल की गई। नर्मदा प्रदूषण निवारण समिति के प्रमुख जयेश पटेल ने डामर के मलबे के संदर्भ में राज्य सरकार के साथ नए पुल को बना रहे ठेकेदार के विरुद्ध नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में याचिका दाखिल की।
इसमें नदी पेटे में बहाए गए डामर को उठाने की मांग की गई है। गोल्डन ब्रिज के बगल में नया फोर लेन ब्रिज बन रहा है जिसके तहत अंकलेश्वर से गोल्डन ब्रिज की ओर बना पुराना मार्ग तोड़ा जा रहा है। तोड़े गए मार्ग के टुकड़े को नर्मदा नदी के पट में लाकर फेंक दिया गया था। ठेकेदार के इस कृत्य के खिलाफ पर्यावरण प्रेमियों में रोष व्याप्त है। डामर की वजह से नदी में जलजीवों तथा पर्यावरण को नुकसान होने की बात याचिका में कही गई है। एनजीओ की ओर से की गई शिकायत में ठेकेदार रणजीत बिल्डकोन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है।
मंदिर के पुजारी का शव मिला
जिले की वागरा तहसील के जागेश्वर गांव स्थित नर्मदा मंदिर के पुजारी का शव उनके कक्ष से मंगलवार दोपहर को ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने बरामद किया। पुजारी के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। लोगों की ओर से पुजारी की हत्या होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। जागेश्वर गांव में स्थित नर्मदा मंदिर के पुजारी दयानंद ब्रह्मचारी सेवानंद महाराज का खून से लथपथ शव उनके कक्ष से पुलिस ने बरामद किया। घटना की जानकारी मिलते ही दहेज मरीन पुलिस के साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच जांच कार्रवाई की।