
वापी. गुरु पूर्णिमा का पर्व मंगलवार को श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। स्कूलों में विद्यार्थियों ने गुरुजनों को गुलदस्ते और उपहार भेंट कर उत्सव मनाया। कई स्थानों पर गुरु महिमा के गीत व एकांकी के जरिए शिष्यों ने अपने भावों को अभिव्यक्ति दी। आश्रमों में भी गुरु पूर्णिमा उत्सव की धूम रही। धरमपुर तहसील के बरुमाल स्थित सद्गुरुधाम में सुबह से ही भगवान भाव भावेश्वर के दर्शन व गुरु पूजन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।
शिष्य को समर्पित भाव से सद्गुरु की शरण में जाना चाहिए
इस अवसर पर आयोजित गुरु पूजन समारोह में संस्था प्रमुख स्वामी विद्यानंद सरस्वती ने अपने उपदेश में बताया कि अपने शिष्यों को सद्मार्ग पर चलने की राह दिखाकर उनका कल्याण ही सच्चे गुरु का ध्येय होता है। शिष्य को भी समर्पित भाव से सद्गुरु की शरण में जाना चाहिए।
स्कूलों में मनाई गई गुरु पूर्णिमा
सलवाव स्वामीनारायण गुरुकुल में गुुरुपूजन सहित विविध कार्यक्रम किए गए। संस्था के संस्थापक पुराणी स्वामी, विज्ञान स्वामी और राम स्वामी के सान्निध्य में विद्यार्थियों ने प्रार्थना, भजन, श्लोक से गुरुमहिमा का बखान किया। पुराणी स्वामी ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए जीवन में गुरु का महत्व बताया और महर्षि व्यास की कथा समेत कई प्रसंगों का वर्णन भी किया। विद्यार्थियों ने इस अवसर पर संतों को श्रीफल और पुष्पहार अॢपत कर पूजन किया। बलीठा स्थित आरएन हाइस्कूल में भी गुरु पूजन कर गुरुपूॢणमा का पर्व मनाया गया। आसपास के अन्य क्षेत्र के स्कूलों में भी गुरुपूर्णिमा मनाई गई।