सूरत

यहां एक ही जगह मिलेगी रेल, मेट्रो व सार्वजनिक परिवहन सुविधा

दक्षिण गुजरात के अहम शहर सूरत में रेलवे की ओर से मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्टेशन हब (एमएमटीएच) स्थापित किया जा रहा है। सूरत रेलवे स्टेशन पर बन रहे एमएमटीएच पर रेल, बस, मेट्रो व सार्वजनिक परिवहन के साधन एक ही स्थान पर सुलभ होंगे। इसका काफी काम हो गया है और बाकी काम त्योहारी सीजन में यात्रियों की सम्भावित भीड़ के मद्देनजर होली के बाद तक टाल दिया गया है।

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Feb 29, 2024
यहां एक ही जगह मिलेगी रेल, मेट्रो व सार्वजनिक परिवहन सुविधा

सूरत. देश के पहले मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्टेशन हब (एमएमटीएच) के रूप में विकसित किए जा रहे सूरत रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म संख्या चार के ऊपर बनने वाले कॉनकोर्स एरिया का निर्माण होली तक टाल दिया गया है। यह काम अब 25 मार्च के बाद शुरू करने की योजना बनाई गई है। हालांकि यह काम जनवरी से शुरू होना था, लेकिन त्योहारी सीजन में यात्रियों की भीड़ बढ़ने की सम्भावना के चलचे यह काम होली के बाद शुरू करने का फैसला किया गया है।

एमएमटीएच रेलवे, गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (जीएसआरटीसी), सिटी बस टर्मिनल, मेट्रो रेल और सार्वजनिक परिवहन सुविधा को एक ही स्थान पर एकीकृत करेगा। प्रोजेक्ट के चीफ आर्किटेक्ट दुष्यंत राठौड़ के अनुसार सूरत इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्टेशन डवलपमेंट कॉरर्पोरेशन लिमिटेड (एसआईटीसीओ) की ओर से सूरत स्टेशन के पुनर्विकास के कार्य तेजी से चल रहे हैं। पूर्व में स्टेशन बिल्डिंग के फाउंडेशन का कार्य लगभग पूरा हो गया है। इसके अलावा इलेक्ट्रोनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) बिल्डिंग, आरपीएफ बैरक, रनिंग रूम, रेलवे हॉस्पिटल का निर्माण पूरा हो गया है। इसमें रनिंग रूम व हॉस्पिटल के ग्राउंड प्लस दो मंजिला बिल्डिंग बनाई गई है।

कॉनकोर्स एरिया के निर्माण की शुरूआत जनवरी से होनी थी, लेकिन केबलिंग समेत इलेक्ट्रोनिक उपकरणों की शिफ्टिंग के चलते यह कार्य शुरू नहीं हुआ। पश्चिम रेलवे के अधिकारियों से ट्रेन के ब्लॉक प्रोग्रामिंग के लिए पिछले दिनों बैठक और पत्राचार किए गए हैं। आगामी 25 मार्च को होली के चलते स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ आम दिनों से ज्यादा रहेगी। ऐसे में रेलवे अधिकारी प्लेटफार्म चार को अभी बंद करने पर सहमत नहीं हैं। इसके चलते प्लेटफार्म चार पर ब्लॉक लेकर कार्य 15 मार्च के बाद ही शुरू होगा।उन्होंने बताया कि प्लेटफार्म चार पर कॉनकोर्स एरिया फाउंडेशन के लिए 26 बड़े और बाहर की तरफ छोटे-मोटे 38 पिलर बनाए जाएंगे। पूर्व की ओर स्टेशन बिल्डिंग में बेसमेंट, ग्राउंड प्लस दो मंजिला बिल्डिंग बनेगी। स्टेशनों को चारों ओर से कनेक्टिविटी देने के लिए 13.5 मीटर की ऊंचाई पर एलिवेटेड रोड कॉरिडोर भी मंजूर किया गया है। इससे यात्रियों को स्टेशन आने तथा बाहर निकलने के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी।

भीड़भाड़ मुक्त परिवहन के लिए एलिवेटेड रोड कॉरिडोर

शहर की सड़कों से मल्टी-मोड परिवहन के इस केंद्र तक निर्बाध कनेक्टिविटी के लिए 496 करोड़ रुपए की लागत से एक एलिवेटेड रोड कॉरिडोर बनाने की भी योजना है। यह सूरत एमएमटीएच का ही हिस्सा है। इसमें से 63 प्रतिशत लागत यानी 313.03 करोड़ रुपए रेलवे और शेष 37 प्रतिशत गुजरात सरकार वहन करेगी। एलिवेटेड रोड की कुल लंबाई 5,479 मीटर होगी और इसमें 90 मीटर और 40 मीटर के दो रोड ओवर ब्रिज होंगे। इस कॉरिडोर को मंजूरी देने का प्रस्ताव रेल राज्यमंत्री दर्शना जरदोश ने किया था।

कौन कितना करेगा खर्च (रकम करोड़ रुपए में)

वित्तीय वर्ष---रेलवे------राज्य सरकार----कुल

2023-24-----136.6-----59.40-----------196

2024-25------204.9-----89.10----------294

2025-26-------239.05----103.95--------343

2026-27-------102.45-----44.55---------147

कुल-------------683---------297-----------980

Published on:
29 Feb 2024 05:59 pm
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