सूरत

आयकर विभाग के नोटिस से हड़कम्प के बाद आई राहत भरी खबर

ब्याज से आय नहीं दिखाने के मामले में आयकर विभाग ने करदाताओं से मांगा था जवाब, सूरत और दक्षिण गुजरात सहित देशभर मे बड़ी संख्या में भेजे गए थे नोटिस, जिन्होंने सही रिटर्न भरा उन्हें भी पहुंचे नोटिस तो विभाग को जारी करना पड़ा स्पष्टीकरण कि आयकर रिटर्न मे ब्याज की जानकारी दिखाने वाले को जवाब देने की जरूरत नहीं।
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Updated: 28 Feb 2024, 3:31 PM IST
आयकर विभाग के नोटिस से हड़कम्प के बाद आई राहत भरी खबर
आयकर विभाग के नोटिस से हड़कम्प के बाद आई राहत भरी खबर

सूरत. आयकर विभाग ने बीते दिनों टीडीएस रिटर्न तथा अलग-अलग स्रोत से मिली जानकारी के आधार पर देश भर में बड़ी संख्या में करदाताओं को भेजे गए नोटिसों पर स्पष्टीकरण जारी किया है। नोटिस में ब्याज की आय लेने वाले कई करदाताओं को उनके रिटर्न में ब्याज की जानकारी नहीं बताए जाने का कारण दर्शाते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया था। रिटर्न में यह जानकारी देने वालों को भी ऐसे नोटिस भेजे गए थे। विभाग ने अब कहा है कि जिन लोगों ने रिटर्न मे जानकारी दी है, उन्हें जवाब देने की आवश्यकता नहीं है।

आयकर विभाग करदाताओं के हर बड़े लेन-देन पर अलग-अलग तरीके से नजर रखता है। बड़े सौदे में पैन कार्ड अनिवार्य करने का एक कारण यह भी है ताकि पैनकार्ड के माध्यम से भी विभाग करदाता पर निगरानी रख सके। आयकर विभाग को जमीन रजिस्ट्री कार्यालय, बैंक, मनी एक्सचेंज सहित कई स्थानों से पैन कार्ड की वजह से करदाताओं के ट्रांजेक्शन की जानकारी मिल जाती है।

सूरत सहित देशभर मे बड़ी संख्या में करदाताओं को हाल ही नोटिस भेजे गए। इनमें मिस मैच वाले मामलों को शामिल किया गया था। विभाग का दावा था कि करदाताओं ने अपने ब्याज के आय की जानकारी छिपाई है। इस बारे मे देशभर से व्यापारी और सीए संगठनों ने आयकर विभाग को जानकारी दी। इसके बाद विभाग ने सोमवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि मिस मैच वाले जिन मामलों में करदाता को नोटिस मिला है, उसमें यदि किसी करदाता ने जानकारी इनकम टैक्स रिटर्न में बताई है तो उन्हें जवाब देने की जरूरत नहीं है। जिन लोगों ने जानकारी नहीं बताई है, उन्हें संशोधित रिटर्न फाइल करना होगा।

Updated on:
28 Feb 2024, 3:31 PM IST
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