
सूरत।पांडेसरा थाना क्षेत्र के वडोद-जीयाव रोड पर झाडिय़ों से मंगलवार दोपहर तीन साल की एक बच्ची का शव बरामद होने से सनसनी फैल गई। आलाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की, लेकिन प्राथमिक पड़ताल में कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
मामले की जांच कर रहे पांडेसरा थाना प्रभारी के.बी.झाला ने बताया कि बच्ची की शिनाख्त नहीं हो पाई है। उसकी उम्र २-३ साल है। उसने पीले रंग का टॉप और गुलाबी रंग का केप्री पहन रखा था। प्रथम दृष्टया वह किसी मध्यमवर्गीय परिवार की लगती है। पुलिस को आशंका है कि मारपीट कर उसे प्रताडि़त किया गया और सिर पर किसी ठोस वस्तु से चोट लगने से उसकी मौत हो गई। सबूत मिटाने के इरादे से शव को वडोद-जीयाव रोड पर प्राइम प्वॉइंट के निकट झाडिय़ों में डाल दिया गया। मंगलवार दोपहर ११ बजकर ४० मिनट पर वहां से गुजर रहे एक ऑटो रिक्शा चालक अंकुर राजेन्द्र प्रसाद मौर्या को लोगों से शव के बारे में पता चला तो उसने पुलिस को खबर की। बच्ची की शिनाख्त के लिए विभिन्न स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए गए हंै।
शहर के सभी थानों में जानकारी भेजी गई है। साथ ही, आस-पास के इलाकों में भी पुलिस की टीमें प्रयास कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि पांडेसरा थाना क्षेत्र के इसी इलाके से पुलिस ने कुछ समय पहले एक बालिका और फिर उसकी मां का शव बरामद किया था। क्रूरतापूर्वक प्रताडि़त कर उस बालिका के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था और हत्या कर शव वहां फेंका गया था। इस बहुचर्चित मामले में पुलिस को सीसीटीवी कैमरे के एक फुटेज से सुराग मिला था। बाद में अभियुक्तों को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था।
बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई
न्यू सिविल अस्पताल के फोरेंसिक विभाग के डॉ. गणेश गोवेकर ने बताया कि बच्ची के शरीर पर २० से २२ छोटे-बड़े निशान पाए गए हैं, जो तीन-चार दिन पुराने हंै। उसकी मौत करीब २४ घंटे पहले सिर में अंदरूनी चोट लगने से हुई है। गले और गुप्तांगों पर किसी प्रकार की चोट के निशान नहीं मिले हैं। फिर भी जांच के लिए सैम्पल फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं।