सूरत

आवासहीनों के लिए रांदेर में बनाया जाएगा शेल्टर होम

372 बैड की क्षमता होगी, टीएससी में आज फैसला
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Updated: 7 Aug 2018, 9:17 PM IST
patrika
आवासहीनों के लिए रांदेर में बनाया जाएगा शेल्टर होम

सूरत. मनपा प्रशासन ने शहर में अलग-अलग जोन में शेल्टर होम बनाने का काम हाथ में लिया है। इनमें से एक शेल्टर होम रांदेर में बनाने की तैयारी है। ३७२ बैड की क्षमता के शेल्टर होम के प्रस्ताव पर बुधवार को होने वाली टेंडर स्क्रूटनी कमेटी की बैठक में निर्णय किया जाएगा।

रोजगार के लिए रोजाना हजारों लोग अन्य शहरों से सूरत आते हैं। रहने की जगह उनकी पहली प्राथमिकता होती है। रोजगार मिलने के बाद भी आवासहीन लोग शहर में इधर-उधर सिर छिपाने की जगह तलाशते हैं। ऐसे लोगों के लिए केंद्र सरकार ने शेल्टर होम प्रोजेक्ट तैयार किया है। इस अभिनव प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश में सबसे पहले सूरत को चुना गया। पूरी तरह केंद्र सरकार की फंडिंग से इन शेल्टर होम्स का निर्माण किया जाएगा और मनपा प्रशासन कार्यदायी संस्था के रूप में काम करेगा। आम तौर पर शहर में विकासपरक प्रोजेक्ट्स पर केंद्र और राज्य सरकारों से अनुदान के साथ ही मनपा को अपना हिस्सा भी निवेश करना पड़ता है।

इनमें से एक प्रोजेक्ट वेस्ट जोन में तैयार किया जाना है। रांदेर में प्रस्तावित 372 बैड की क्षमता के शेल्टर होम के लिए मनपा प्रशासन ने प्रस्ताव मंगाए थे। इनमें सबसे कम लागत का प्रस्ताव 2.21 करोड़ रुपए का है। टेंडर स्क्रूटनी कमेटी (टीएससी) की बुधवार को होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव पर निर्णय किया जाएगा। इसके अलावा कोसाड-वरियाव में प्राथमिक स्कूल के लिए 24 कक्ष के भवन निर्माण के प्रस्ताव पर भी चर्चा के बाद फैसला किया जाना है। इनमें 18 कक्षों में कक्षाएं संचालित होनी हैं। अन्य कक्ष प्रशासनिक तथा अन्य कामों के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे।

प्राथमिक स्कूल भवन के निर्माण के लिए मनपा को 3.58 करोड़ रुपए का प्रस्ताव मिला है। टीएससी के एजेंडे में विभिन्न पुलों के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट की नियुक्ति का प्रस्ताव भी शामिल है, जिस पर चर्चा के बाद निर्णय होगा। इसके लिए 97 लाख रुपए का प्रस्ताव मनपा को मिला है, जो प्रोजेक्ट कॉस्ट का 0.58 फीसदी है। बैठक के दौरान एजेंडे में शामिल अन्य प्रस्तावों पर भी निर्णय किया जाएगा।

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