सूरत

टूटी सडक़ें कर रही लोगों को बीमार

गेंद की तरह उछल रहे हैं पत्थर

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Sep 15, 2018
टूटी सडक़ें कर रही लोगों को बीमार

वापी. बरसात के दिनों में टूटी सडक़ें अभी भी लोगों की परेशानी का सबब बनी हुई हैं। टूटी सडक़ों को भरने के लिए गड्ढों में डाले गए पत्थर अब तो उछलकर लोगों को घायल कर रहे हैं तो वाहनों के शीशे भी चटका रहे हैं। सडक़ों की मरम्मत नहीं होने से लोगों की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं।
बरसात की शुरुआत में ही चला मुख्य मार्ग, सिलवासा मार्ग, करवड़ रोड, कोपरली रोड समेत जीआइडीसी क्षेत्र की सभी सडक़ें उखड़ गई थी। रास्तों पर गड्ढे को पाटने के लिए गिट्टी और पत्थर डाले गए थे। उसके बाद कोई काम नहीं किया गया। करीब एक माह से छिटपुट बरसात के अलावा बरसात बंद है, लेकिन सडक़ों की मरम्मत का काम आज तक नही किया गया। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। करवड़, चला और जीआइडीसी विस्तार में सडक़ी बदतर हालत से लोगों को दुर्घटना और ट्रैफिक जाम की समस्या से रोजाना जूझना पड़ रहा है।

धूल और कंकड़ बने परेशानी
बरसात बंद होने के बाद डाली गई गिट्टी और मिट्टी लोगों को बीमार बना रही है। वाहनों के निकलने के बाद उठता धूल का गुबार आंख और दमा का रोगी बना रहा है। नमी खत्म होने पर डाली गई गिट्टी रास्ते में बिखर गई है। वाहनों के आने जाने पर छोटे-छोटे पत्थर उछलकर राह चलते लोगों को घायल कर रहे हैं। चला और कोपरली रोड पर पत्थर उछलने की परेशानी इतनी बढ़ गई है कि आए दिन वाहनों के शीशे टूटते रहते हैं। इसके अलावा दुपहिया वाहन गिट्टी पर फिसलते रहते हैं। दो दिन पहले सुबह में ड्यूटी जा रहा रामनगर निवासी प्रेमजीत शगुन रेजिडेन्सी के सामने वाहन से उछले पत्थर से घायल हो गया।

धूल मिट्टी से बचें
मिट्टी और धूल उडऩे से एलर्जी के मरीजों को दिक्कत हो सकती है। धूल के कारण इंफेक्शन और दमा का रोग बढ़ सकता है। पिछले कुछ दिनों से इस तरह की समस्या के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। इन दिनों जिस तरह से सडक़ों पर धूल उड़ रही है, उससे लोगों को मास्क पहन कर ही निकलना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर आंख और सांस की समस्या बढ़ सकती है। सर्दी या बुखार दो दिन से ज्यादा होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
डॉ शोभा एन्डी, संवेदना अस्पताल।

बरसात के बाद होगी मरम्मत
सडक़ों की खराब हालत की जानकारी है। बरसात का सीजन पूरा होने पर जल्द ही चला से सडक़ों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा।
जतिन पटेल, इंजीनियर पीडब्ल्यूडी

चार माह में ही मार्ग की हालत हुई खस्ता
वांसदा. तहसील के सिणधई ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाला रास्ता बनने के चार माह में ही बेकार हो गया है। जिला पंचायत आयोजन मंडल द्वारा 15 प्रतिशत विवेकाधीन फंड से यह रास्ता बनाया गया था। मार्ग टूटने से ग्रामीणों और अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों की देखरेख नहीं करने के कारण रोड ठेकेदार ने सडक़ बनाने में गुणवत्ता मानकों का ख्याल नहीं रखा, जिसका परिणाम सामने है। लोगों ने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है।

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Published on:
15 Sept 2018 07:08 pm
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