सूरत इंटरनेशनल एयरपोर्ट SURAT AIRPORT को टू टियर श्रेणी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। देश के अन्य एयरपोर्ट के मुकाबले एक पायदान कम श्रेणी होने के कारण सूरतीयों को भी अन्य देश की इंटरनेशनल फ्लाइट का इंतजार करना पड़ रहा है। मात्र दो ही इंटरनेशनल फ्लाइट के चलते सूरत एयरपोर्ट पर पहली बार जनवरी में अंतरराष्ट्रीय उड़ान भरने वाले यात्रियों की संख्या 10 हजार के पार हो गई है।
सूरत के नजदीक पुणे एयरपोर्ट SURAT AIRPORT पर एक माह में 136 अंतरराष्ट्रीय उड़ान भरी जाती है, जिसके दम पर यात्रियों की संख्या मुश्किल से 15 हजार पहुंच रही है। जबकी सूरत से मात्र 72 ही इंटरनेशनल फ्लाइट में 10 हजार से अधिक यात्रियों ने अंतरराष्ट्रीय सफर किया है। इसे देखते हुए सूरत से और भी अधिक इंटरनेशनल उड़ान भरने की मांग बढ़ने लगी है।
सूरत एयरपोर्ट SURAT AIRPORT को 17 दिसम्बर 2023 के दिन इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा मिला। इसी दिन दुबई के लिए सूरत से पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान भरी गई। 16 दिसम्बर तक सूरत से मात्र शारजाह की ही फ्लाइट उड़ान भरा करती थी। 2023 जनवरी से नवम्बर तक प्रति माह औसत 4200 यात्री अंतरराष्ट्रीय सफर करते थे। दुबई जाने के लिए भी बड़ी संख्या में यात्री शारजाह की फ्लाइट में सफर करते थे। दुबई फ्लाइट के आने से पहली बार जनवरी 2024 में अंतरराष्ट्रीय सफर करने वाले यात्रियों की संख्या 10,814 दर्ज हुई है।
- 15 हजार को पहुंच जाएगा सूरत :
SURAT AIRPORT सप्ताह में शारजाह के लिए पांच और दुबई के लिए चार फ्लाइट होने पर आंकड़ा 11 हजार से पास पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि फ्लाइट की सभी सीटें बुक रहती है। दुबई जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण यह आंकड़ा बढ़ा है। इस वजह से शुक्रवार से दुबई के लिए एक ओर नई उड़ान शुरू हो रही है। इसके शुरू होते ही सप्ताह में नई तीन अंतरराष्ट्रीय उड़ान बढ़ेगी। जिसके चलते सप्ताह में कुल 12 अंतरराष्ट्रीय उडान हो जाएगी। इस वजह से मार्च में मात्र दो अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट के चलते सूरत एयरपोर्ट से इंटरनेशनल उड़ान भरने वाले यात्रियों की संख्या 15 हजार तक पहुंच जाएगी।
- सूरत एयरपोर्ट की बढ़ानी चाहिए श्रेणी :
वी वर्क फोर वर्किंग एयरपोर्ट के संजय जैन ने बताया कि सूरत से अंतरराष्ट्रीय उड़ान भरने वाले यात्रियों की संख्या अधिक है। फ्लाइट की संख्या बढ़े, तो यात्री भी बढ़ेंगे। सूरत एयरपोर्ट की श्रेणी कम होने के कारण कई हवाई कंपनी यहां पहुंच नहीं रही है। इसलिए गिनती की फ्लाइट से काम चल रहा है। सूरत की श्रेणी बढ़े तो अन्य देशों की कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी। फिलहाल इन यात्रियों के आंकड़ों की संख्या के आधार पर दोहा, होंगकोंग, बेंग्कोक और सिंगापुर की फ्लाइट शुरू करने की मांग की गई है।