- छात्राओं व नाबालिग लड़कियों के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न व बलात्कार का मामला - सूरत के व्यक्ति ने मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल को पत्र लिख दिए कुछ सुझाव
सूरत. राज्य में छात्राओं व नाबालिग युवतियों के यौन उत्पीड़न व बलात्कार की लगातार बढ़ रही घटनाओं पर रोक लगाने के लिए मुख्य मंत्री पत्र लिख कर कुछ सुझाव दिए हैं। इन सुझावों को कानूनी अमलीजामा पहनाकर लागू करने की मांग की है।
सूरत के संजय इजावा द्वारा लिखे गए पत्र में बताया गया है कि पूरे राज्य में नाबालिग लड़कियों खास कर छात्राओं के यौन उत्पीड़न व बलात्कार की घटनाओं में बढोत्तरी हो रही है। इस तरह के कई मामलों में अपराधी फर्जी पहचान का सहारा लेते हैं।
वे सोशल मीडिया के जरिए उनसे दोस्ती कर अपने जाल में फंसाते हैं। उसके बाद उन्हें भरोसे में लेकर कपल बॉक्स व इंटरनेट कैफे व ओयो रूम्स जैसे होटलों में मिलने के लिए बुलाते हैं। वहां कुछ घंटों के लिए प्राइवेट स्पेस किराए पर लेकर उन्हें अपनी हवस का शिकार बनाते हैं। कई संचालक सिर्फ किराए से मतबल रखते हैं।
वे वहां आने वालों से उनकी पहचान की तस्दीक भी नहीं करते। सुरक्षा के लिए इन जगहों पर सीसीटीवी कैमरों की भी व्यवस्था नहीं होती हैं। जिसकी वजह से ऐसी घटनाओं को बढावा मिलता है। ऐसे में इन स्थानों के संचालकों पर सुरक्षा के लिए कुछ अनिवार्यताएं लागू करना जरूरी हैं, ताकि भविष्य में इन स्थानों के दुर्रपयोग पर रोक लगाई जा सके।
ये अनिवार्यताओं होनी चाहिए
1. इंटरनेट कैफे, कपल बॉक्स, ओयो जैसी होटलों में ग्राहकों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होना चाहिए।
2. इन स्थानों पर प्रवेश द्वार, रिसेप्शन व गैलेरी में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य हो।3. ग्राहकों की अधिकृत पहचान पत्र की प्रति अनिवार्य रूप से ली जाए।
4. 18 वर्ष से कम उम्र की युवतियों व 21 वर्ष से कम उम्र के युवकों के प्रवेश पर प्रतिबंध हो।
5. 100 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले युगलों व छात्र-छात्राओं को प्रवेश नहीं दिया जाए।
6. प्रवेश देते समय युगलों से उनके परिजनों का नम्बर भी अनिवार्य रूप से लिया जाना चाहिए।7. प्रवेश के बाद यदि युगल संदिग्ध लगे तो पुलिस सूचना देने की अनिवार्यता होनी चाहिए।
8. नियमों का भंग करने वाले कपल बॉक्स, कैफे व ओयो जैसी होटलों के संचालकों व प्रबंधकों पर कानूनी कार्रवाई हो।
9. यदि इन स्थानों पर कोई आपराधिक घटना हो तो संचालक व प्रबंधक पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
10. इन नियमों को लोगों तक पहुंचा कर जागृति लाने का प्रयास किया जाना चाहिए।