सूरत

SURAT NEWS: कोरोना महामारी से टूटी व्यवसाय की कमर

सूरत समेत प्रदेशभर में 40 हजार रेस्टोरेंट-होटल, सूरत में इस व्यवसाय में 30 हजार से ज्यादा को मिला हुआ है रोजगार  

2 min read
Apr 17, 2021
SURAT NEWS: कोरोना महामारी से टूटी व्यवसाय की कमर

सूरत. कोरोना महामारी से सूरत समेत पूरे गुजरात भर का रेस्टोरेंट-होटल व्यवसाय भी चरमराया हुआ है। पिछले साल से अभी तक व्यवसाय को 10 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है और अभी गत 15-20 दिनों से अधिकांश रेस्टोरेंट-होटल रात्रि कफ्र्यू की वजह से बंद जैसे हालात में है।
गुजरात की औद्योगिक राजधानी सूरतनगरी की ही बात की जाए तो यहां पर पंद्रह सौ से दो हजार रेस्टोरेंट और होटल है और दोनों की ही मौजूदा परिस्थिति कोरोना महामारी से पूरी तरह से त्रस्त है। इस पर भी रात्रि कफ्र्यू जब से 8 बजे से हुआ है तब से रेस्टोरेंट लगभग बंद ही है और होटल की हालत भी कुछ ऐसी ही है। अकेले सूरत में रेस्टोरेंट और होटल व्यवसाय से 30 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला हुआ है, जिनके लिए यह दिन मुसीबत भरे गुजर रहे हैं। इनमें से कई लोग तो अपने घर-गांव भी चले गए है। रेस्टोरेंट-होटल व्यवसाय से जुड़े लोग बताते हैं कि सूरत में बाहर से आने वाले लोगों पर रेस्टोरेंट व्यवसाय 50 प्रतिशत और होटल व्यवसाय शत-प्रतिशत आधारित है और जब से रात्रि कफ्र्यू 8 बजे से हुआ है तब से बाहर के लोगों का सूरत आना घटकर 10-15 प्रतिशत ही रह गया है और इससे रेस्टोरेंट व होटल व्यवसाय की वर्तमान स्थिति साफ समझी जा सकती है। रेस्टोरेंट में स्थानीय लोग भी रात्रि कफ्र्यू 8 बजे से होने के बाद खाना खाने पहुंचने से परहेज करने लगे हैं।


-तब से अभी तक


पिछले साल मार्च से लॉकडाउन प्रारम्भ हुआ जो कि एक जून को खुला और उसके बाद से लगातार कोरोना गाइडलाइन के अनुरूप रेस्टोरेंट-होटल व्यवसाय संचालकों को चलाना पड़ा। दीपावली के बाद व्यवसाय थोड़ा-बहुत पटरी पर आता अवश्य दिखाई पड़ा था और इसमें पिछले छह महीने की स्थिति से उबरते कि नए साल में रात्रि कफ्र्यू का समय पहले 9 बजे और बाद में 8 बजे से हो गया और मौजूदा दौर में तो देश के कई हिस्सों में लॉकडाउन जैसे हालात है। पूरे राज्य में 40 हजार से ज्यादा छोटे-बड़े रेस्टोरेंट-होटल है और इनमें से अधिकतर के खर्चों में कोई कटौती नहीं हो पाई है नतीजन 25 से 30 फीसदी रेस्टोरेंट-होटल बंद भी हो चुके हैं।


-70 प्रतिशत कारोबार रात 8 बजे के बाद


रेस्टोरेंट मालिक दिनेश राजपुरोहित ने बताया कि शहर में ज्यादातर रेस्टोरेंट में व्यवसाय का समय रात्रि 8 बजे के बाद प्रारम्भ होता है क्योंकि स्थानीय लोग भोजन के लिए 9 बजे से पहले नहीं आते और बाहर के लोग भी 8 बजे बाद पहुंचना शुरू होते हैं। इस समय दौरान 70 फीसद कारोबार होता है जो कि पूर्णतया बंद है। वहीं, खर्चे बदस्तूर जारी है और इसमें स्टाफ का वेतन, लाइट, गैस, रेंट आदि मुख्य रूप से शामिल है। सूरत में व्यवसाय से 30 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला हुआ है और मौजूदा हालात में कई लोग घर-गांव भी चले गए हैं। कोरोना महामारी की वजह से रेस्टोरेंट-होटल व्यवसाय को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।


-नुकसान की भरपाई संभव नहीं


पिछले वर्ष के मार्च से ही रेस्टोरेंट-होटल व्यवसाय कोरोना महामारी की मार से लगातार आर्थिक तौर पर त्रस्त है और इसकी भरपाई कहीं से संभव नहीं दिख रही है। रोजाना करोड़ों का नुकसान प्रदेशभर में इस व्यवसाय को झेलना पड़ रहा है।
अरुण शेट्टी, प्रमुख, साउथ गुजरात रेस्टोरेंट-होटल एसोसिएशन

Published on:
17 Apr 2021 05:53 pm
Also Read
View All