
सूरत. बारिश की शुरुआत के साथ शहर में मौसमी बीमारियां पहले से फैली हुई हैं, आठ महीने बाद जानलेवा बीमारी स्वाइन फ्लू ने भी फिर से दस्तक दी है। रांदेर के 44 वर्षीय युवक के स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। विभाग की ओर से रांदेर क्षेत्र में सर्वे के साथ एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक रांदेर क्षेत्र निवासी 44 वर्षीय युवक कई दिन से सर्दी-जुकाम से पीडि़त था। निजी अस्पताल में उसका उपचार चल रहा था। उपचार के बावजूद उस पर दवाइयां असर नहीं कर रही थीं।
चिकित्सकों ने स्वाइन फ्लू की आशंका में नमूने जांच के लिए भेजे थे। शनिवार को उसकी स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पॉजिटिव आई। निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने इसकी जानकारी मनपा के स्वास्थ्य विभाग को दी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए। उन्होंने अस्पताल पहुंच कर जांच की। विभाग के कर्मचारियों की ओर से युवक के परिजनों के साथ ही रांदेर क्षेत्र में लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। गौरतलब है कि वर्ष 2017 में स्वाइन फ्लू ने शहर में पांव पसारे थे और जनवरी, 2018 में आखिर केस दर्ज किया गया था। इसके आठ महीने बाद शनिवार को स्वाइन फ्लू का मामला सामने आया है।
आठ महीने पहले सूरत में स्वाइन फ्लू का काफी प्रकोप रहा था। इस दौरान करीब एक दर्जन स्वाइन फ्लू मरीजों की मौत हुई थी और दर्जनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। न्यू सिविल अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग से ओपीडी बनाई गई थी। इस बीमारी से बचाव के लिए लोगों ने मास्क पहनने शुरू कर दिए थे। मेडिकल की दुकानों पर यह मास्क 100 से 500 रुपए तक में बेचे गए थे। मनपा ने सभी जोन के स्वास्थ्य केंद्रों को मास्क उपलब्ध करवाए थे।
पिछले साल गुजरात में हुई थीं 200 से ज्यादा मौतें
गुजरात में पिछले साल फैले स्वाइन फ्लू से 200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और दो हजार से ज्यादा मरीज सामने आए थे। इनमें से ज्यादातर मरीज चार शहरों सूरत, अहमदाबाद, वड़ोदरा और राजकोट के थे। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की दवाइयों के साथ वेंटिलेटर्स और ऑक्सीजन सिलेंडरों की अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ी थी।