
सूरत।न्यू सिविल अस्पताल में 29 सितम्बर को मुहैया करवाई गई 16 स्लाइस की सीटी स्कैन मशीन के इंस्टोलेशन का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। मरीजों की परेशानी ज्यों की त्यों है। दो साल के बच्चे का सीटी स्कैन करवाने के लिए उसके पिता को गुरुवार शाम से शुक्रवार दोपहर तक यहां-वहां भटकना पड़ा। अंत में उसने सीटी स्कैन के लिए जमा कराए रुपए वापस लेने का प्रयास किया। सफल नहीं हुआ तो वह बच्चे के साथ घर लौट गया। दक्षिण गुजरात के सबसे बड़े सरकारी न्यू सिविल अस्पताल में डेढ़ साल से सीटी स्कैन की सुविधा बंद है।
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को 16 स्लाइस की नई सीटी स्कैन मशीन आवंटित की है। यह मशीन 29 सितम्बर को यहां पहुंच गई थी, लेकिन मशीन के इंस्टोलेशन का कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ है। इमरजेंसी में ट्रोमा सेंटर पहुंचने वाले मरीजों को अब भी सीटी स्कैन करवाने के लिए निजी सेंटर भेजा जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि पांडेसरा वडोद गांव गणेशनगर निवासी श्रवण गुप्ता का दो वर्षीय पुत्र शिवम गुरुवार शाम खेलते-खेलते छत से गिरकर घायल हो गया था। प्राथमिक उपचार के बाद श्रवण शिवम को १०८ एम्बुलेंस में न्यू सिविल अस्पताल लेकर आया। ट्रोमा सेंटर में प्राथमिक जांच के दौरान शिवम का एक्स-रे और सोनोग्राफी हुई। सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने सीटी स्कैन के लिए लिख दिया।
श्रवण ने बारह सौ रुपए ट्रोमा सेंटर में जमा कर दिए और शिवम को लेकर निजी सेंटर पहुंचा, लेकिन वहां सीटी स्कैन से मना कर दिया गया। रात साढ़े दस बजे श्रवण फिर ट्रोमा सेंटर आया तो उसे सुबह आने के लिए कहा गया। शुक्रवार सुबह श्रवण सीटी स्कैन करवाने के लिए पत्नी और शिवम को लेकर ट्रोमा सेंटर आया। शिवम के केस पेपर के लिए श्रवण को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में सीएमओ की मदद से शिवम का डुप्लिकेट केस पेपर निकाल कर उसे दोबारा निजी सेंटर भेजा गया। इस बार भी उसे लौटा दिया गया। परेशान श्रवण ने ट्रोमा सेंटर में भरे सीटी स्कैन के रुपए वापस देने की भी मांग की। सर्जरी विभाग के रेजिडेंट ने उसे बताया कि रात की ड्यूटी पर तैनात रेजिडेंट ही सीटी स्कैन के रुपए वापस दिलवा सकता है। आखिर श्रवण पत्नी और शिवम के साथ घर लौट गया।
पीआइयू-इलेक्ट्रिक विभाग में अटका मामला
नई 16 स्लाइस सीटी स्कैन मशीन के इंस्टोलेशन से पहले पीआइयू तथा इलेक्ट्रिक विभाग का कुछ कार्य बताया गया है। पीआइयू की ओर से नई फ्लोरिंग और रंग-रोगन का कार्य पूरा हो गया है। बिजली की सप्लाई के लिए अभी तक मीटर और केबल का कार्य नहीं हुआ है। नई मशीन की जरूरत के मुताबिक कार्य पूरा नहीं होने से मामला अटका पड़ा है।
जल्द चालू होगी
& मशीन को जल्द से जल्द चालू करने के लिए अधिकारियों की निगरानी में कार्य किया जा रहा है। डॉ. पूर्वी देसाई, इंचार्ज अध्यक्ष, रेडियोलॉजी विभाग, न्यू सिविल अस्पताल