सूरत

संत के सत्संग का महत्व भजनों में झलका

एक शाम संत लिछमीदासजी के नाम...कार्यक्रम आयोजित
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Updated: 23 Sep 2018, 9:06 PM IST
patrika
संत के सत्संग का महत्व भजनों में झलका

सूरत. कड़ोदरा रोड पर सारोली के पाटीदार सांस्कृतिक भवन में रविवार रात राजस्थान सैनी माली समाज विकास ट्रस्ट की ओर से एक शाम संत लिछमीदासजी के नाम...भजन संध्या का आयोजन किया गया। भजन संध्या में आमंत्रित कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति दी और भवन में मौजूद समाज के लोगों ने भजनों के रससागर में गोते लगाए।
कार्यक्रम की शुरुआत में सांस्कृतिक भवन में संत लिछमीदासजी महाराज की तस्वीर के समक्ष अखण्ड ज्योत प्रज्ज्वलित की गई। इस दौरान ट्रस्ट के पदाधिकारी व आमंत्रित मेहमान मौजूद रहे। इसके बाद आयोजित भजन संध्या में राजस्थान के नागौर से आए गायक कलाकार कालुराम बिखरनिया व ललित लहरिया एंड पार्टी ने एक के बाद एक कई भजनों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर कलाकारों ने नृत्य की भी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान पूजा आरती, प्रसादी, चढ़ावा, स्वागत समारोह आदि के भी आयोजन किए गए। कार्यक्रम में राजस्थान में नागौर नगरपरिषद के सभापति कृपाराम सोलंकी समेत अन्य मेहमानों ने संबोधन किया। भजन संध्या के दौरान माली समाज के महिला-पुरुष बड़ी संख्या में भवन में मौजूद थे।

तेजा गायन में लगे जयकारे


तेजा सेना की ओर से तेजादशमी के उपलक्ष में रविवार रात परवत पाटिया की वकीलवाड़ी में तेजा गायन का आयोजन किया गया। इस दौरान आमंत्रित कलाकारों ने भजन व नृत्य की प्रस्तुति दी। हालांकि तेज बारिश ने आयोजन का रंग फीका कर दिया, फिर भी लोग कार्यक्रम में डटे रहे। कार्यक्रम की शुरुआत वकीलवाड़ी में देर शाम तेजाजी महाराज की तस्वीर के समक्ष अखण्ड ज्योत प्रज्ज्वलित की गई। इस दौरान समाज के सभी पदाधिकारी व आमंत्रित मेहमान मौजूद रहे। बाद में आयोजित तेजा गायन में आमंत्रित कलाकार ओमाराम बीरड़ा, भंवरलाल लेगा, किशनलाल माली, शिवलाल, धन्नाराम मंडा, सुखाराम, ईश्वरसिंह के अलावा आशा प्रजापति व रामचंद्र प्रजापत ने भजन-गीत की प्रस्तुति दी। इस दौरान ललिता मारवाड़ी व महेश प्रजापति ने नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में राजस्थान से रिछपालसिंह मिर्धा, डॉ. सतीश पुनिया, रुपाराम मुरावतिया, नारायण बेड़ा, सुनील चौधरी समेत कई मेहमान मौजूद थे।

पाठ्य सामग्री का संग्रहण


गणपति महोत्सव के दौरान हैल्पिंग हैंड संस्था ने रोजाना विभिन्न गणपति पंडाल में जाकर जरुरतमंद बालकों के लिए पाठ्य सामग्री का संग्रहण किया। एकत्र पाठ्य सामग्री बाद में वनवासी अंचल के जरुरतमंद बालकों के बीच वितरित की जाएगी।

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