ग्रीष्मावकाश में उत्तर प्रदेश जाने वाली अंत्योदय एक्सप्रेस का नजारा देखकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। बिहार जाने वाली सूरत-छपरा ताप्ती गंगा एक्सप्
सूरत।ग्रीष्मावकाश में उत्तर प्रदेश जाने वाली अंत्योदय एक्सप्रेस का नजारा देखकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। बिहार जाने वाली सूरत-छपरा ताप्ती गंगा एक्सप्रेस की हालत भी कुछ ऐसी ही है। सूरत स्टेशन पर रविवार को अंत्योदय एक्सप्रेस में चढऩे वाले यात्रियों के बीच घमासान मचा था। कई यात्री ट्रेन में नहीं चढ़ नहीं और उन्हें टिकट रद्द करवाने पड़े।
सूरत समेत दक्षिण गुजरात में रहने वाले उत्तरप्रदेश और बिहार के लोगों को वेकेशन में गांव जाने में काफी तकलीफों का सामना करना पड़ता है। इसका कारण नियमित ट्रेनों का अभाव है। दक्षिण गुजरात के अलग-अलग शहरों में रहने वाले लोग गांव जाने के लिए सूरत और उधना स्टेशन से यात्रा शुरू करते हैं। राजस्थान पत्रिका ने पिछले साल गर्मी की छुट्टियों के दौरान उधना-दानापुर, सूरत-भागलपुर और उधना-कानपुर उद्योगकर्मी एक्सप्रेस की भीड़ और तकलीफ पर खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद रेलवे ने चार नई ट्रेन शुरू कर यात्रियों को राहत देने का प्रयास किया, लेकिन आज भी हालात जस के तस हैं। परीक्षाएं पूरी होने के बाद ट्रेनों में गांव जाने वाले यात्रियों की भीड़ शुरू हो गई है। राजस्थान पत्रिका ने रविवार को बान्द्रा टर्मिनस-गोरखपुर अंत्योदय एक्सप्रेस की हालत का जायजा लिया।
सूरत स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर ट्रेन आते ही यात्री कोच में चढऩे की मशक्कत करते दिखाई दिए। यात्री सिर पर बैग और थैले उठाकर कोच में घुसने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन भीड़ इतनी थी कि ट्रेन में चढ़ पाना मुश्किल था। यात्रियों ने ट्रेन में प्रवेश के लिए वैकल्पिक रास्तों का भी सहारा लिया। प्लेटफॉर्म से ट्रेन में नहीं चढ़ पाने वाले यात्री उल्टी दिशा से कोच में चढ़ते दिखाई दिए। ट्रेन में यात्रियों को व्यवस्थित तरीके से चढ़ाने के लिए प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं थी।
रेलवे सुरक्षा बल के एक-दो जवान प्लेटफॉर्म पर मौजूद थे, लेकिन भीड़ इतनी थी कि उनके लिए यात्रियों को संभालना मुश्किल हो रहा था। इसके बाद राजस्थान पत्रिका ने सूरत-छपरा ताप्ती गंगा एक्सप्रेस का मुआयना किया। प्लेटफॉर्म संख्या चार पर जनरल कोच के यात्रियों को कतार में बिठाया गया था, लेकिन ट्रेन आने के बाद स्लीपर कोच में चढऩे के लिए भी यात्रियों को भारी मशक्कत करते हुए देखा गया।
रेल परिसर में सुरक्षा नाकाफी
सूरत स्टेशन पर रविवार को आरक्षण केन्द्र, करंट बुकिंग कार्यालय और प्लेटफॉर्म संख्या एक तथा चार यूपी-बिहार जाने वाले यात्रियों से खचाखच भरा मिला। करंट बुकिंग कार्यालय के सामने लाइन बिल्डिंग की छत से बाहर तक चली गई। कतार में खड़े यात्रियों के बीच लाइन सीधे करने और बीच में अन्य यात्रियों के घुसने के मामले भी सामने आए। यात्रियों को व्यवस्थित तरीके से रेलवे की सुविधा मिले, इसके लिए रेलवे की ओर से सुरक्षा का कोई जवान या अधिकारी मौजूद नहीं था। अधिकारियों का कहना है कि अभी सीजन शुरू हुआ है। रेलवे द्वारा व्यवस्था की जाएगी।
राजस्थान पत्रिका अभियान के बाद चली थीं यह ट्रेन
22913 बांद्रा टर्मिनस-पटना साप्ताहिक हमसफर एक्सप्रेस
22921 बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर साप्ताहिक अंत्योदय एक्सप्रेस
२०९०३ वड़ोदरा-वाराणसी साप्ताहिक सुपरफास्ट
महामना एक्सप्रेस
15564 उधना-जयनगर साप्ताहिक अंत्योदय एक्सप्रेस
अनाधिकृत लोगों का बोलबाला
सूरत स्टेशन पर सप्ताह में दो दिन भागलपुर और पांच दिन छपरा जाने वाली ट्रेनों में शुरू से यात्रियों को कतार में लगाकर कोच में बिठाने की व्यवस्था चली आ रही है। बान्द्रा टर्मिनस-गोरखपुर अंत्योदय एक्सप्रेस के यात्रियों के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। करंट टिकट बुकिंग कार्यालय के पास अनाधिकृत लोग अधिक रुपए लेकर जनरल टिकट दिलवाने का प्रयास करते दिखाई दिए। इसके अलावा कई लोग यात्रियों को कोच में बिठाने के लिए बातचीत कर रहे थे। ऐसे लोगों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं थी।
यह है ट्रेनों की हालत
सूरत से छपरा जाने वाली ताप्ती गंगा एक्सप्रेस में १५ अप्रेल से 3 मई तक द्वितीय श्रेणी शयनयान में नोरूम है। इसके अलावा 9 अप्रेल को ३८१, ११ अप्रेल को ३५३, १२ अप्रेल को ३६९, १३ अप्रेल को ३७९ वेटिंग है। तृतीय श्रेणी वातानुकूलित शयनयान में ५० से १०० वेटिंग टिकट उपलब्ध हैं, जिनके कन्फर्म होने की कोई संभावना नहीं है। बान्द्रा टर्मिनस-गोरखपुर अवध एक्सप्रेस का भी यही हाल है। इस ट्रेन में द्वितीय श्रेणी शयनयान में ढाई सौ से तीन सौ के बीच वेटिंग है। बान्द्रा टर्मिनस-मुजफ्फरपुर अवध एक्सप्रेस में १० अप्रेल, १३ अप्रेल, १५ अप्रेल, २० अप्रेल को नोरूम है। १७ अप्रेल को २९९ और २२ अप्रेल को 297 वेटिंग है। स्कूलों में समर वेकेशन 7 मई से शुरू होने वाला है। उसके बाद उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली गाडिय़ों में भीड़-भड़क्का और बढ़ जाएगा।