विंड प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी, टेंडर स्क्रूटनी कमेटी ने किया पास
सूरत. टेंडर स्क्रूटनी कमेटी की बुधवार को हुई बैठक में आयुक्त एम थेन्नारसन ने मनपा प्रशासन के 2.1 मेगवाट क्षमता के विंड पावर प्रोजेक्ट को मंजूर कर लिया। मनपा प्रशासन इससे पहले भी विंड पावर प्रोजेक्ट्स लगा चुका है और उसका के्रडिट शहर में मनपा के विभिन्न अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर खर्च हो रही बिजली में मिल रहा है। ठेकेदार फर्म को इसका दस वर्ष तक ऑपरेशन एवं मेंटिनेंस का जिम्मा भी लेना होगा।
मनपा प्रशासन के एक और विंड पावर प्रोजेक्ट के प्रस्ताव को टेंडर स्क्रूटनी कमेटी ने हरी झंडी दे दी। इस विंड पावर प्लांट से पैदा होने वाली बिजली का इस्तेमाल तीन प्रोजेक्ट्स में किया जाएगा। इस बार 2.1 मेगावाट क्षमता का प्रोजेक्ट कच्छ के नखत्राणा में स्थापित किया जाएगा। इससे पहले पोरबंदर और आसपास के क्षेत्र में मनपा प्रशासन पूर्व में विंड पावर प्लांट लगा चुका है। 16.25 करोड़ रुपए के खर्च से लगने वाले इस प्रोजेक्ट की लागत निकलने की अनुमानित अवधि (पे बैक पीरियड) साढ़े छह वर्ष है। ठेकेदार फर्म को इसका दस वर्ष तक ऑपरेशन एवं मेंटिनेंस का जिम्मा भी लेना होगा।
अन्य प्रस्तावों को भी किया मंजूर
टीएससी की बैठक में एजेंडे में शामिल अन्य प्रस्तावों को भी चर्चा के बाद मंजूर कर लिया गया। इनमें पे एण्ड पार्क व अन्य कामों के साथ ही कोसाड में पानी की भूगर्भ टंकी का प्रस्ताव भी शामिल है। कोसाड में १७० लाख लीटर क्षमता के बूस्टर हाउस अैर अंडरग्राउंड टंकी बनाई जानी है। इसका निर्माण स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत किया जाएगा।
तीन प्रोजेक्ट्स पर खर्च होगी बिजली
2.1 मेगावाट क्षमता के इस प्रोजेक्ट से 843697 केडब्ल्यूएच बिजली उत्पादित होगी। इसका सबसे बड़ा हिस्सा वालक इंटेक वेल पर खर्च होगा। करीब 85 फीसदी रेशियों के साथ 717142 केडब्ल्यूएच बिजली इस पर खर्च होगी। कुल उत्पादित ऊर्जा का करीब 10 फीसदी हिस्सा यानी 84370 केडब्ल्यूएच बिजली डिंडोली के वाटर वक्र्स पर और पांच फीसदी हिस्सेदार के साथ 42185 केडब्ल्यूएच बिजली गोडादरा जल वितरण केंद्र पर खर्च की जाएगी।