वन विभाग ने लगाया था पिंजरा
बारडोली. तापी जिले की डोलवण तहसील के पाटी गांव के गांधी ओवरा फलिया से तेंदुए के दो बच्चे पिंजरे में कैद हो गए। बुधवार सुबह जैसे ही यह खबर गांव में फैली लोगों का हुजूम पिंजरे में कैद तेंदुओं को देखने के लिए जमा हो गया। पूर्व में एक बार ऐसा भी अवसर आया था, जब जोड़े से घूम रहे तेंदुए में एक पिंजरे में कैद हो गया तो साथी तेंदुआ रातभर पिंजरे के बाहर चक्कर लगाती रही थी।
जानकारी के अनुसार पिछले कई दिनों से डोलवण तहसील के पाटी गांव के गांधी ओवारा फलिया में रहने वाले लालजी गामित के घर के पीछे तेंदुआ दिखाई देता था। लालजी ने इसकी सूचना वन विभाग को दी थी। वन विभाग की टीम ने पिछले दिनों उनके घर पास ही एक पिंजरा रख दिया था।
मंगलवार रात को किसी समय मुर्गी के शिकार के चक्कर में तेंदुआ के डेढ़ साल के दो बच्चे खुद पिंजरे में कैद हो गए। बताया गया कि कैद हुए तेंदुओं में एक नर और दूसरी मादा है। दोनों तेंदुओं को देखने के लिए गांव ही नहीं आसपास के इलाके से भी बड़ी संख्या में लोग जुट गए। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुओं को अपने कब्जे में लिया है।
एक साथ टहल रहे होंगे
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आमतौर पर एक पिंजरे में एक समय एक ही तेंदुआ पकड़ में आता है। दोनों तेंदुआ शावक एक साथ टहल रहे होंगे। मुर्गी को देख उसके शिकार के लिए जैसे ही एक तेंदुआ पिंजरे में गया, दूसरा भी उसके पीछे चला गया हो। गौरतलब है कि वन क्षेत्र से सटे आवासीय इलाकों में भी तेंदुए कई बार जोड़े से चले आते हैं। पूर्व में भी जब वन विभाग ने एक जगह पिंजरा लगाया था तो नर तेंदुआ शिकार के प्रयास में कैद हो गया था। उसकी साथी मादा तेंदुआ रातभर पिंजरे के बाहर बेचैनी से टहलती रही थी और अगले दिन उजाला होने पर जंगल में कहीं चली गई थी।