- एनएसयूआइ का विरोध प्रदर्शन, पुलिस भी मौजूद रही
सूरत.
वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में सिंडीकेट सदस्य भावेश रबारी ने सोमवार को कुलपति डॉ.शिवेन्द्र गुप्ता के पुतले का ओपरेशन किया। कुलपति पर तरह-तरह के आरोप लगाए गए। विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक भवन में बड़ी संख्या में पुलिस के जवान भी मौजूद थे।
सिंडीकेट चुनाव जैसे-जैसे पास आ रहे हैं, विश्वविद्यालय में तरह-तरह के विवाद सामने आ रहे हैं। सोमवार को सिंडीकेट सदस्य भावेश रबारी और एनएसयूआइ के कई कार्याकर्ता प्रशासनिक भवन के पास एकत्रित हुए। कुलपति डॉ.शिवेन्द्र गुप्ता का पुतला लाया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। बड़ी संख्या में पुलिस और अन्य सुरक्षाकर्मी विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के पास एकत्रित हो गए। भावेश ने कुलपति के पुतले का ऑपरेशन किया। भावेश ने आरोप लगाया कि कुलपति की डिग्री, उनकी ओर से की गई मयूर चौहाण की नियुक्ति, उनकी ओर से बनाई गई एलआइसी, सभी अयोग्य हैं। इन सभी मामलों में जांच कर कार्रवाई करने की मांग की गई। बाद में कुलपति को ज्ञापन भी सौंपा गया।
सिंडीकेट के उम्मीदवारों के नामों की स्क्रूटनी
वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के सिंडीकेट पदों के लिए 26 सितम्बर को चुनाव होने वाले हैं। इनके लिए नामांकन भरे गए थे। सोमवार को नामांकनों की स्क्रूटनी की गई। स्क्रूटनी के बाद सामान्य पदों के लिए एबीवीपी के किरण घोघारी, गौरांग वैद्य, संकेत शर्मा, मयूर चौहाण और जयराम गामित के नाम जारी किए गए हैं। इनके अलावा संजय देसाई, भावेश रबारी, गणपत धामेलिया, डॉ.कश्यप खरचीया और किरिट पटेल के नाम भी जारी किए गए हैं।
कुलपति कार्यालय का घेराव
एनएसयूआइ ने शुक्रवार को वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय का घेराव किया। संगठन ने नई प्रवेश प्रणाली पर विरोध जताया और रामधुन गाकर प्रवेश को लेकर विद्यार्थियों की परेशानी दूर करने की मांग की। कुलपति डॉ.शिवेन्द्र गुप्ता ने पदभार संभालते ही 20 साल पुरानी केंद्रीय प्रवेश प्रणाली बंद कर विकेंद्रित प्रवेश प्रणाली लागू की थी। यह प्रणाली विद्यार्थियों को सुविधा के बजाय दुविधा दे रही है। इसके खिलाफ सिंडीकेट सदस्य भावेश रबारी की अगुवाई में एनएसयूआइ के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कुलपति कार्यालय का घेराव किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने कुलपति कार्यालय के पास धरना भी दिया। संगठन ने मांग की कि नई प्रवेश प्रणाली में सुधार किया जाए। यूजी, पीजी और लॉ में प्रवेश को लेकर विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं। हेल्प सेंटर और हेल्पलाइन नहीं है।