सी.आर. पाटिल से मिलकर लगाई गुहार
सूरत
इनपुट टैक्स क्रेडिट के मामले में वीवर्स खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। पिछले सप्ताह जीएसटी काउंसिल के परिपत्र में जुलाई के अंतिम स्टॉक का टैक्स ही पिछले क्रेडिट में एडजस्ट करने के निर्देश के बाद वीवर्स इस नियम को रद्द कराने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। दिल्ली में बात नहीं बनने पर अब उन्होंने सांसद सी.आर. पाटिल से गुहार लगाई है।
सोमवार को वीवर्स का एक दल सी.आर. पाटिल को मिला और वीवर्स के मौजूदा हालात बता कर इनपुट टैक्स क्रेडिट दिलाने की मांग की। वीवर्स का कहना था कि नियमानुसार वह इनपुट टैक्स क्रेडिट पाने के हकदार हैं, लेकिन सरकार के नए परिपत्र के कारण उनके करोड़ों रुपए फंस गए हैं। छोटे वीवर्स जीएसटी के बाद जैसे-तैसे व्यापार कर रहे हैं, उनकी समस्या और बढ़ जाएगी। पाटिल ने वीवर्स की बात ऊपर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
उल्लेखनीय है कि इनपुट टैक्स क्रेडिट रिफंड को लेकर वीवर्स करीब एक साल से दिल्ली का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन नियमों के कारण उन्हें अब तक इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिल पाया है। सूरत समेत देशभर के वीवर्स के लगभग 600 करोड़ रुपए फंसे पड़े हैं।
बिल्डर से वसूले 77 लाख रुपए
आयकर विभाग ने रिकवरी की कार्रवाई करते हुए महिधरपुरा के बिल्डर से 77 लाख रुपए की वसूली की।
आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार रेंज-2 ने पिछले सप्ताह महिधरपुरा क्षेत्र के एक बिल्डर पर रिकवरी सर्वे की कार्रवाई की। इस बिल्डर से विभाग को दो साल से 3.80 करोड़ रुपए वसूल करने हैं। बिल्डर और उसके पार्टनर के काफी से लापता होने के कारण आयकर अधिकारी वसूली नहीं कर पा रहे थे। आखिरकार विभाग ने इन्हें ढूंढ निकाला और बीते सप्ताह रिकवरी सर्वे की कार्रवाई कर 77 लाख रुपए का चेक लिखवा लिया। आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार महिधरपुरा के बिल्डर से 77 लाख रुपए की वसूली की।