शहर पुलिस आयुक्त ने मंगलवार को सूरत सिटी पुलिस के आधिकारिक फेसबुक पेज पर लाइव के जरिए लोगों को जानकारी दी कि यदि पुलिस की जरूरत...
सूरत।शहर पुलिस आयुक्त ने मंगलवार को सूरत सिटी पुलिस के आधिकारिक फेसबुक पेज पर लाइव के जरिए लोगों को जानकारी दी कि यदि पुलिस की जरूरत पड़े तो वह किस तरह और कहां से मदद हासिल कर सकते हैं।
पुलिस आयुक्त ने पुलिस विभाग की ओर से शुरू विभिन्न हेल्पलाइन और संपर्क नंबर की जानकारी दी। हादसा या वारदात के वक्त व्यक्ति को पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 100 पर संपर्क करने के लिए कहा गया। ट्रैफिक की समस्या को लेकर सूचना देनी हो तो इसके लिए ट्रैफिक हेल्पलाइन तथा महिलाओं के लिए महिला हेल्पलाइन से संपर्क करने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि यदि संबंधित थाने में शिकायत नहीं सुनी जाती है तो आला अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा किसी भी दूषण या अन्य घटनाओं से संबंधित तस्वीरें और वीडियो पुलिस तक पहुंचाने के लिए पुलिस के वाट्स ऐप नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा गया।
मेडिकल की पढ़ाई के लिए विदेश गए विद्यार्थियों को नीट से मिली मुक्ति
विदेश में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को अब नीट की परीक्षा नहीं देनी होगी। सांसद सी.आर. पाटिल ने इस संदर्भ में केन्द्रीय मंत्री जे.पी.नड्डा से मुलाकात कर इन विद्यार्थियों को नीट से मुक्ति की मांग की थी। जे.पी.नड्डा ने एएमसीआइ को पत्र भेज कर फैसला करने के लिए कहा था। मंगलवार को एमसीआइ ने परिपत्र जारी कर इस साल विदेश में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को नीट से मुक्ति देने की घोषणा की।
सूरत समेत दक्षिण गुजरात से कई विद्यार्थी मेडिकल की पढ़ाई के लिए विदेश जाते हैं। एमसीआइ ने इन विद्यार्थियों के लिए नीट की परीक्षा अनिवार्य कर दी थी। विद्यार्थियों के अभिभावकों ने सांसद सी.आर. पाटिल से मिलकर बताया था कि इससे विदेश में पढ़ रहे विद्यार्थियों को पुन: भारत लौटना होगा और नीट की परीक्षा देनी होगी। विभिन्न प्रवेश परीक्षा पास करने के बाद ही विद्यार्थियों को विदेश के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिया जाता है। उनके लिए नीट औपचारिक ही साबित होगी।
सांसद ने अभिभावकों की बात केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी.नड्डा के समक्ष रखी। उन्होंने एमसीआइ को पत्र लिखकर हल ढूंढने के लिए कहा। मंगलवार को एमसीआइ ने परिपत्र जारी कर विदेश में पढ़ाई करने वाले मेडिकल के विद्यार्थियों को नीट की परीक्षा से मुक्ति देने की घोषणा कर दी।