पढ़ी-लिखी होने के बाद भी मम्मी जब खेतों में काम करती हंै तो काफी अच्छा लगता है। इसकी वजह से अक्सर मैं उनके साथ खेत व बाड़ी में काम करने चली जाती हूं। आज जब किसान खेत में बीज डालता है तो लोगों को अन्न मिलता है। मंै मम्मी की तरह हर काम में पारंगत होना चाहती हूूं।
उक्त बातें नगर से लगे ग्राम पंचायत खैरबार के पंच अर्चना दीक्षित की पूत्री अपूर्वा दीक्षित ने पत्रिका के 'बिटिया इन वर्क' में कही। अपूर्वा विक्टोरिया पब्लिक स्कूल में कक्षा 8वीं की छात्रा है। आकाशवाणी केंन्द्र मे उद्घोषिका होने के साथ ही अर्चना दीक्षित ग्राम पंचायत खैरबार की पंच है। इसके साथ ही शिक्षा के प्रति उनके लगन को देखते हुए उन्हें ग्राम पंचायत द्वारा स्वच्छता व शिक्षा समिति की जवाबदारी दी गई है।
अपूर्वा अपनी मां द्वारा किए जा रहे सभी कामों से काफी प्रभावित है। घर का काम निपटाने के बाद समय निकालकर वे बाड़ी में सब्जियां उगाती हैं और उनकी नियमित देखभाल करती हैं। अपूर्वा ने बुधवार को अपनी मम्मी के साथ खेत में पहुंच उनके काम करने के तरीके को नजदीक से देखा। उसने भी मम्मी के साथ उनके काम में हाथ बंटाया।
रायपुर में पढ़ाई के बावजूद खेती
अपूर्वा ने बताया कि उसकी मम्मी रायपुर जैसे शहर में पढ़ी हैं। इसके बावजूद खेती करती हैं। हमेशा वे सब्जी लगाने के साथ ही धान बुवाई का भी काम करती हैं। आकाशवाणी में उद्घोषिका का काम करने के बावजूद वे अपनी जवाबदारी बखूबी निभाती हैं। मम्मी के काम से वह काफी प्रभावित हैं। मम्मी जैसी ही वह हर काम में पारंगत होना चाहती है।