तिरुवनन्तपुरम

CEC ज्ञानेश कुमार पर CPI नेता बिनॉय विश्वम का हमला, बोले- भ्रष्ट और तानाशाही अधिकारी; केरल विजिलेंस जांच का भी जिक्र

Gyanesh Kumar Kerala Case,: CEC ज्ञानेश कुमार पर CPI नेता बिनॉय विश्वम ने तीखा हमला बोला और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगाए। यह बयान केरल PWD सचिव रहते उनके कार्यकाल से जुड़े विजिलेंस जांच के बीच आया है। वहीं SIR को लेकर INDIA ब्लॉक का चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन जारी है।
3 min read
Binoy Viswam
CEC ज्ञानेश कुमार पर CPI नेता बिनॉय विश्वम का हमला, ani

CEC Gyanesh Kumar: भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। केरल में उनके 2006 के कार्यकाल से जुड़े आरोपों पर विजिलेंस जांच के आदेश के बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के राष्ट्रीय परिषद सचिव बिनॉय विश्वम ने उन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को 'भ्रष्ट', 'तानाशाही' और 'लोकतंत्र विरोधी' अधिकारी बताया।

बिनॉय विश्वम ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ केरल में दर्ज मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा है। उन्होंने दावा किया कि वह सुप्रीम कोर्ट को लेकर भी गलत बयान दे चुके हैं और अदालत ने इस पर संज्ञान लिया है। विश्वम ने कहा कि वह दिन जल्द आएगा जब ज्ञानेश कुमार को अपने पद से हटना पड़ेगा।

केरल सरकार ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए

यह मामला ज्ञानेश कुमार के 2006 में केरल के लोक निर्माण विभाग (PWD) सचिव रहते हुए कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (VACB) को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। मामला मलेशियाई सिविल इंजीनियर ली सी बीन की कथित आत्महत्या से जुड़ा है। वह केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट के तहत MC रोड के अपग्रेडेशन का काम करने वाले PATI-BEL कंसोर्टियम से जुड़े थे। रिपोर्टों के मुताबिक, कथित सुसाइड नोट में उस समय PWD सचिव रहे ज्ञानेश कुमार का नाम भी आया था।

आरोप है कि 2006 में हुई शुरुआती जांच को बाहरी दबाव के कारण प्रभावित किया गया। अब केरल गृह विभाग ने उस समय की VACB प्रारंभिक जांच से संबंधित फाइलें मांगी हैं। विजिलेंस निदेशक को बाहरी प्रभाव के आरोपों की विस्तृत जांच करने और निष्कर्षों के आधार पर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- मामला CEC के पद से जुड़ा नहीं

केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने स्पष्ट किया कि विपक्ष जिस विजिलेंस मामले का जिक्र कर रहा है, वह ज्ञानेश कुमार के मौजूदा CEC पद से संबंधित नहीं है। उन्होंने कहा कि मामला उस समय का है, जब कुमार केरल सरकार में सचिव के पद पर कार्यरत थे। मुरलीधरन ने कहा कि उस समय उनके खिलाफ कई शिकायतें मिली थीं और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष, दोनों की ओर से शिकायतें की गई थीं। उन्होंने इस जांच को राजनीतिक रूप से प्रेरित होने के आरोपों को भी खारिज किया।

SIR को लेकर विपक्ष का चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन

यह राजनीतिक विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब INDIA ब्लॉक के सांसद विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के मुख्यालय निर्वाचन सदन की ओर मार्च किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद सांसदों ने निर्वाचन सदन से करीब 100 मीटर दूर आकाशवाणी भवन के पास धरना दिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी सांसदों ने बैरिकेड पार कर चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचने की कोशिश की। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष आकाशवाणी भवन के पास अपना प्रदर्शन जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस को वहां प्रदर्शन से आपत्ति है तो पुलिस उन्हें किसी दूसरी जगह प्रदर्शन करने के लिए कह सकती है।

आकाशवाणी भवन में घुसे कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और INDIA ब्लॉक के समर्थकों के निर्वाचन सदन की ओर बढ़ने की कोशिश के बाद सुरक्षा कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश करने वाले कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। विपक्षी दल SIR के तहत मतदाता सूची में कथित बदलाव और वोटरों के नाम हटाए जाने को लेकर चुनाव आयोग से सवाल पूछ रहे हैं। इसी मुद्दे पर INDIA ब्लॉक ने देशभर में विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम शुरू किया है।

Updated on:
06 Oct 2026 07:42 pm
Published on:
06 Oct 2026 07:41 pm