टीकमगढ़

Tikamgarh News: एक फोटो, अलग-अलग नाम और 2222 से ज्यादा शादी ! करोड़ों के फर्जीवाड़े का खुला राज

Marriage Assistance Scheme: विवाह सहायता योजना में कोरोना काल के दौरान 2222 फर्जी प्रकरणों का खुलासा हुआ है। एक ही फोटो पर अलग-अलग नाम लगाकर करोड़ों रुपये के गबन का आरोप है, जिसकी जांच लोकायुक्त करेगी।
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Updated: 9 Sep 2026, 2:58 PM IST
विवाह सहायता योजना में फर्जीवाड़ा , प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)
विवाह सहायता योजना में फर्जीवाड़ा , प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)

अनुराग चतुर्वेदीकी रिपोर्ट....

Tikamgarh News: मध्यप्रदेश के सिरोंज में विवाह सहायता योजना के कथित करोड़ों फर्जीवाड़े में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बाद एक बार फिर से निवाड़ी जनपद पंचायत में हुए फर्जीवाड़े का जिन्न निकल कर सामने आ गया है। यहां पर कोरोना शादियां कराकर विवाह सहायता काल में तीन साल के भीतर 2222 राशि बांटने का फर्जीवाड़ा सामने आया था।

अब जिम्मेदार इसकी जांच लोकायुक्त द्वारा किए जाने की बात कह रहे है।दरअसल निवाड़ी जनपद पंचायत में 2019 से 2021 के बीच में तीन वर्षों के दौरान 2222 से अधिक विवाह सहायता प्रकरण स्वीकृत किए किए गए थे, जबकि निर्धारित सीमा के अनुसार एक जनपद में वर्ष में करीब 85 प्रकरणों की स्वीकृति का प्रावधान बताया गया है। इस आधार पर स्वीकृत प्रकरणों की संख्या को लेकर सवाल खड़े हुए थे। कोरोना काल के दौरान भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल की विवाह सहायता योजना में नियमों को दरकिनार कर यह गोलमाल किया गया था।

एक फोटो, अलग-अलग नाम और दर्जनों विवाह !

जांच में कुछ ऐसे प्रकरण सामने आने थे, जिनमें एक ही फोटो पर नाम व जाति बदलकर अलग-अलग प्रकरण तैयार किए गए। आरोप है कि कुछ ऐसे लोगों के नाम पर भी राशि निकाली गई, जिनकी शादी पहले ही हो चुकी थी। इतना ही नहीं, कुछ प्रकरणों में सहायता राशि हितग्राही के बजाय अन्य व्यक्ति के खातों में पहुंचाए जाने के आरोप भी हैं।

85 प्रकरणों में सामने आई थी गड़बड़ी

तत्कालीन कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देशन में कुछ विवाह सहायता प्रकरणों की जांच कराई गई थी। जांच के दौरान करीब 85 प्रकरणों में फर्जीवाड़े और अनियमितताओं की बात सामने आई थी। आरोप है कि इनमें एक ही फोटो को अलग-अलग नामों से लगाकर विवाह सहायता राशि स्वीकृत कराई गई। जांच के बाद जनपद पंचायत में रखे विवाह सहायता से संबंधित फार्म एवं रिकॉर्ड जलने और तत्कालीन जनपद पंचायत सीईओ द्वारा इसकी सूचना थाना कोतवाली निवाड़ी को दिए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।

एफआईआर के लिए भेजा गया था पत्र

जिला पंचायत के निर्देश पर पांच सदस्यीय जांच समिति ने जनपद पंचायत कार्यालय से थाना कोतवाली निवाड़ी को संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने पत्र भेजा गया था, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ा और कार्रवाई फाइलों तक ही सीमित रह गई।

पात्र हितग्राही का नाम हटाने का आरोप

बारवाहा की रूपाली मिश्रा का कहना है कि सूची में उनका नाम 61वें नंबर पर था, इसके बावजूद राशि खाते में नहीं पहुंची। पिता शोभाराम मिश्रा का आरोप है कि रुपए नहीं देने पर नाम योजना से हटा दिया गया।

निवाड़ी मामले में भी ईडी जांच की मांग

सिरोंज मामले के बाद निवाड़ी के मामले में भी ईडी से जांच पर लोगों का कहना है कि इतना बड़ा फर्जीवाड़ा होने, जांच से बचने रेकार्ड जलाने, एफआईआर के लिए पत्र लिखे जाने के बाद भी कार्रवाई न होना बताता है कि मामले में आरोपियों को प्रश्रय दिया जा रहा है।

मामला लोकायुक्त में...

विवाह सहायता मामले में लोकायुक्त जांच कर रही है। जिला पंचायत सीईओ उसके प्रभारी हैं। लोकायुक्त की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।- जमुना भिडे, कलेक्टर, निवाड़ी।

Updated on:
9 Sep 2026, 2:58 PM IST
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