टीकमगढ़ एक जनवरी से 31 दिसंबर 2025 तक करीब 61.36 लाख रुपए का जुर्माना वसूलने के बावजूद जिले में वाहन चालक हेलमेट पहनने के प्रति गंभीर नहीं है। नतीजतन सडक़ दुर्घटनाओं में मौतों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। बीते एक साल में जिले में120 लोगों की सडक़ हादसों में मौत हो चुकी है, फि […]
टीकमगढ़ एक जनवरी से 31 दिसंबर 2025 तक करीब 61.36 लाख रुपए का जुर्माना वसूलने के बावजूद जिले में वाहन चालक हेलमेट पहनने के प्रति गंभीर नहीं है। नतीजतन सडक़ दुर्घटनाओं में मौतों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। बीते एक साल में जिले में120 लोगों की सडक़ हादसों में मौत हो चुकी है, फि र भी चालक लापरवाही से वाहन चलाते नजर आ रहे है।
एक साल में यातायात पुलिस के आंकड़ों पर नजर डाले तो जिले में दुर्घटनाओं की संख्या में भले ही कुछ कमी आई हो, लेकिन मौतों की संख्या बढ़ गई है। वर्ष भर में जिले में 415 सडक़ दुर्घटनाएं घटित हुईं है। जिनमें 353 लोग घायल हुए और 120 लोगों की जान चली गई। मृतकों में सबसे अधिक संख्या 20 से 40 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की बताई गई है।
सबसे ज्यादा सडक़ हादसे बाइक सवारों के साथ हुए है। मृतकों में भी अधिकांश दोपहिया वाहन चालक शामिल है। यातायात पुलिस के अनुसार सडक़ दुर्घटनाओं में मौत का मुख्य कारण सिर में गंभीर चोट है। यदि बाइक चालक और पीछे बैठा व्यक्ति हेलमेट पहने,तो जान बचने की संभावना काफ ी बढ़ जाती है। लेकिन अधिकांश घातक हादसों में बाइक सवार बिना हेलमेट पाए गए। इसके साथ ही तेज रफ्तार भी दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनी हुई है। जिससे चालक ही नहीं बल्कि अन्य राहगीर भी हादसों का शिकार हो रहे है।
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगातार चालान कार्रवाई की जा रही है। बीते एक साल में बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के मामलों में 61.3६ लाख रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। लेकिन इसके बावजूद चालक हेलमेट पहनने में लापरवाही बरत रहे है।
यातायात सुधार को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा अनेक प्रयास किए जा रहे है, लेकिन वाहन चालक पुलिस के डर से तय सीमा तक यातायात का पालन करता है। इसके बाद यातायात नियमों को तोडक़र चल देते है। इस कारण से सडक़ दुर्घटनाएं घटित हो रही है। जबकि यातायात सुधार को लेकर प्रयास किए जा रहे है।