आलापुर गांव का कच्चा रास्ता
वन विभाग ने तैयार कराया डीपीआर, जल्द होगा सडक़ निर्माण
टीकमगढ़. पलेरा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत खरगूपुरा के आलापुर गांव तक आजादी के ७८ साल बाद भी सडक़ नहीं पहुंच पाई है। इस कारण से रहवासियों को अस्पताल, पुलिस थाना, न्यायालय के साथ बाजार और मुख्य मार्ग तक जंगल के रास्ते से आना पड़ता है। यहां के लोगों को सबसे अधिक समस्याएं बारिश और गर्मियों के समय में होती है। जहां की सडक़ निर्माण के लिए सैकड़ों पर आश्वासन दिए जा चुके है, लेकिन जिम्मेदार सडक़ निर्माण नहीं कराए पाए।
पत्रिका ने खबर का प्रकाशन ९ मई २०२३ को किया था। पत्रिका की खबर के बाद जनप्रतिनिधि और वन विभाग के साथ जनपद पंचायत के अधिकारियों की नींद खुली। इसके बाद वन विभाग ने दो किमी सडक़ निर्माण के लिए तीन करोड़ का डीपीआर तैयार किया है। जल्द ही आलापुर गांव के लोगों को सडक़ दी जाएगी।
आलापुर गांव जंगल के बीच में बसा है और वहां पर जाने वाला रास्ता जंगल से गया है।
जिले का आलापुर गांव वन विभाग के बीच में बसा है, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए सडक़ नहीं है। लोग बीमार होते है तब सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके लिए ग्रामीणों द्वारा जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मांग की गई। लेकिन उनके द्वारा मामले में कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणाों द्वारा पत्रिका को मामले की शिकायत दी।
पत्रिका ने ९ मई २०२३ को खबर का प्रकाशन किया। खबर के बाद जनप्रतिनिधि और संबंधित विभाग के अधिकारियों की नींद खुली। गांव में जाकर सडक़ के साथ अन्य सरकारी योजनाओं का जायजा लिया। तब वहां की स्थिति उलट दिखाई दी। संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने सडक़ निर्माण के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र दिया। उसके बाद सडक़ निर्माण कराने की स्वीकृति मिली है। वन विभाग ने 2 कि मी की सडक़ का डीपीआर तैयार कर लिया है।
इनका कहना
जनप्रतिनिधियों के विशेष सहयोग से आलापुर के लोगों को पक्की सडक़ मिली है। उसका डीपीआर तैयार किया गया है। यह अनुमति पंचायत ग्रामीण विकास विभाग से मिली है।
शिशुपाल अहिरवार, वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा।
वन परिक्षेत्र की सीमा में निवास करने वाले ग्रामीणों को अब पक्की सडक़ मिलेगी। पहले सडक़ निर्माण में वन विभाग रूकावट था। अब इसकी अनुमति शासन व्यवस्था से मिल चुकी है। आलपुर का जल्द ही विकास होगा।
सिद्ध गोपाल वर्मा, सीईओ पलेरा जनपद पंचायत।