वाहन चेकिंग की फाइल फोटो टीकमगढ़।
चार में से सिर्फ एक कैमरा का हो रहा उपयोग
टीकमगढ़. वाहन चेकिंग, जुलूस और धरना प्रदर्शनों में पारदर्शिता लाने के लिए यातायात विभाग को चार बॉडी वार्न कैमरा दिए गए थे, उनमें एकाध कैमरा उपयोग किया जा रहा है। जबकि प्रतिदिन पुलिस द्वारा विभिन्न सडक़ों पर वाहनों को रखने जगह अनुसार चेकिंंग की जा रही है। जहां बॉडी वार्न कैमरा दिखाई नहीं दे रहा है।
मुख्यालय से अन्य जिलों में जाने वाले चार रास्ते और तीन बायपास सडक़ है। यातायात पुलिस द्वारा सबसे अधिक वाहनों की चेकिंग बानपुरा रोड मानिकपुरा के पास, पपौरा के पास, धजरई और कारी तिराहा के साथ अन्य स्थानों पर की जाती है। उन चेकिंगों में यातायात पुलिस जवानों के पास बॉडी वार्न कैमरा नहीं होता है, जबकि चेकिंग के दौरान चालानी कार्रवाई के समय पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बॉडी वार्न कैमरा के जरूरत होती है।
यातायात पुलिस के पास चार आए थे बॉडी वार्न कैमरा
यातायात प्रभारी ने बताया कि जिले की यातायात व्यवस्था और वाहन चेकिंग में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए चार कैमरे शासन से दो वर्ष पहले मिला था। एक का उपयोग नए बस स्टैंड पर तैनात यातायात पुलिस जवान द्वारा किया जा रहा है। वहां पर सबसे ज्यादा वाहनों का आवागमन होता है। दूसरा पुलिस विभाग कार्यालय में रखा है। इस कैमरा से बहुत सहयोग मिलता है।
सभी कैमरों का नहीं हो रहा उपयोग
चालानी कार्रवाई में पारदर्शिता रखने यातायात पुलिस को बॉडी वार्न कैमरे दिए थे। इन सभी कैमरों का ज्यादा उपयोग नहीं लिया जा रहा है। इन कैमरों को इस उद्देश्य दिया गया था कि कार्रवाई करते समय कोई वाहन चालक दुव्र्यवहार करता है तो इसमें रिकार्ड हो जाए और कार्रवाई की भी पूरी पारदर्शिता बनी रहे। लेकिन इसमें बैटरी का भी झंझट बना हुआ है।
इनका कहना
जिले में चार कैमरा दिए गए थे। उसमें से एक ही कैमरा काम कर रहा है। यह सबसे अधिक तब काम आते है, जब चालान बनाते समय, धरना प्रदर्शन हो रहा हो। अब नई तकनीक आ गई है। शहर में जो भी वाहन चेकिंग करते है, वह सीसीटीवी और आवाज रिकॉर्ड वाले कैमरे के सामने करते है। अधिकतर वाहन चेकिंग वहां करते है जहां पर वाहनों को खड़ा करने के लिए जगह पर्याप्त हो।
कैलाश पटेल, यातायात थाना प्रभारी टीकमगढ़।