नए बस स्टैंड में जानलेवा गड्ढे
टीकमगढ़ शहर के नए बस स्टैंड मैदान में यात्रियों और बस चालकों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। बस स्टैंड को समतल और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से पूरे परिसर में सीसी कंक्रीट डाली गई थी, लेकिन भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही के कारण यह कंक्रीट जगह जगह से उखड़ चुकी है। कई स्थानों पर एक फीट से अधिक गहरे गड्ढे बन गए है। जिनमें बसों के टायर तक समा रहे है।
बस चालकों ने बताया कि बस स्टैंड परिसर में बने इन गड्ढों के कारण बसों को खड़ा करना और निकालना बेहद मुश्किल हो गया है। थोड़ी सी चूक होने पर बस पलटने या यात्रियों के घायल होने का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गंभीर समस्या की ओर कई बार ध्यान दिलाया गया, लेकिन अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा नहीं लिया है।
जानकारी के अनुसार 60 से 80 टन वजन वाले भारी मालवाहक वाहन डीजल बचाने के उद्देश्य से मऊरानीपुर रोड और झांसी रोड के मुख्य मार्ग का उपयोग न कर बस स्टैंड के पीछे बने गेट से प्रवेश कर सामने वाले गेट से निकल जाते है। इस वजह से बस स्टैंड की पूरी सीसी सडक़ खस्ताहाल हो चुकी है।
भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए कुछ समय पहले यातायात पुलिस द्वारा पीछे के गेट पर बैरिकेड्स लगाए गए थे, लेकिन वाहन चालकों ने उन्हें हटाकर रास्ता फि र से खोल लिया। इसके बाद से बस स्टैंड परिसर एक बार फि र भारी वाहनों का शॉर्टकट बन गया है।
बस स्टैंड से प्रतिदिन सैकड़ों यात्री आवागमन करते है। ऐसे में इन गहरे गड्ढों और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण हर समय बड़े हादसे का अंदेशा बना रहता है। यात्रियों और बस संचालकों ने प्रशासन से मांग की है कि भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए और क्षतिग्रस्त सीसी सडक़ की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
नए बस स्टैंड के कंक्रीट सीसी का सुधार कार्य के लिए टेंडर लग गया है। जल्द ही सुधार कार्य किया जाएगा।