टीकमगढ़

2023 में 10500 हितग्राहियों को बांटे गए थे प्रमाण पत्र, भी ठंडे बस्ते में 120 करोड़ के विकास कार्य

टीकमगढ़ जिले के आवासहीन परिवारों को मुख्यमंत्री आवासीय भू.अधिकार योजना के तहत वर्ष 2023 में 10500 हितग्राहियों को भू स्वामी अधिकार पत्र वितरित किए गए थे। शासन द्वारा उनके लिए जमीन भी चिन्हित की गई थी। लेकिन दो वर्ष बीतने के बावजूद हितग्राहियों को अब तक कब्जा नहीं मिल पाया है। परिणामस्वरूप लाभार्थी आवास निर्माण […]

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Jan 05, 2026
भू स्वामी अधिकार पत्र मिले, पर जमीन का आज तक नहीं मिला कब्जा

टीकमगढ़ जिले के आवासहीन परिवारों को मुख्यमंत्री आवासीय भू.अधिकार योजना के तहत वर्ष 2023 में 10500 हितग्राहियों को भू स्वामी अधिकार पत्र वितरित किए गए थे। शासन द्वारा उनके लिए जमीन भी चिन्हित की गई थी। लेकिन दो वर्ष बीतने के बावजूद हितग्राहियों को अब तक कब्जा नहीं मिल पाया है। परिणामस्वरूप लाभार्थी आवास निर्माण के लिए अधिकार पत्र हाथ में लेकर सरपंचों और अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर है।

हितग्राहियों ने बताया कि ४ जनवरी २०२३ में बगाज माता स्थल पर मुख्यमंत्री का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में जिले भरे के आवासहीन हितग्राहियों को एकत्रित किए गए था। सभी के नाम से टीकमगढ़, बल्देवगढ़ और जतारा एसडीएम राजस्व द्वारा भू अधिकारी प्रमाण पत्र बना दिए गए और मुख्यमंत्री कार्यक्रम में वितरण किए गए। सुंदरपुर ग्राम पंचायत के हितग्राहियों को सातखेरा गांव नाले के पास जमीन चिन्हित कर फोटो निकलवाई गई, लेकिन आज उन्हें कब्जा नहीं मिल पाया है।

सरपंचों ने बताई जमीनी हकीकत

राधापुर सरपंच सखी मान सिंह लोधी और पातरखेरा सरपंच शांति भूपेंद्र लोधी ने बताया कि राधापुर में 15 और पातरखेरा में 80 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री आवासीय भू अधिकार योजना के तहत अधिकार पत्र दिए गए थे। इसी तरह सातखेरा, सुंदरपुर, दरी सहित अन्य गांवों में मिलाकर करीब 10500 हितग्राहियों को लाभ मिला था, लेकिन किसी को भी वास्तविक रूप से जमीन पर कब्जा नहीं दिया गया। सरपंचों ने इस संबंध में जनपद पंचायत, जिला पंचायत और राजस्व विभाग को लिखित शिकायतें भी की गईं, लेकिन प्रमाण पत्र वितरण के अलावा कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

4 जनवरी 2023 को हुआ था वितरण

बताया गया कि 4 जनवरी 2023 को टीकमगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बगाज माता मंदिर मैदान में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम आयोजित हुआ था। उसी मंच से मुख्यमंत्री आवासीय भू.अधिकार योजना के तहत भू स्वामी अधिकार पत्र वितरित किए गए थे। सातखेरा गांव में जिस स्थान पर हितग्राहियों को खड़ा कर अधिकार पत्र दिए गए थे, वहीं जमीन आज अतिक्रमण की चपेट में है। यही स्थिति जिले की लगभग सभी विधानसभा क्षेत्रों में बनी हुई है।

600 वर्गफीट जमीन, 120 करोड़ के विकास कार्य

जनपद पंचायत सदस्य चंद्रभान सिंह राजपूत ने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक हितग्राही को पति पत्नी के संयुक्त नाम से 600 वगफीट आवासीय भू.खंड का अधिकार दिया गया था। सुंदरपुर, सातखेरा में 43, राधापुर में 15, समर्रा में 106, अजनौर में 125, पातरखेरा में 80, दरी में 40 सहित अन्य ग्राम पंचायतों में कुल 10500 भू.अधिकार पत्र वितरित किए गए थे।इन आवासीय स्थलों पर निर्माण व आधारभूत सुविधाओं के लिए करीब 120 करोड़ रुपए के विकास कार्य प्रस्तावित थे, जो अब तक शुरू नहीं हो सके।

आज भी भटक रहे हितग्राही

राधापुर के चंद्रभान लोधी, घनश्याम रैकवार, पातरखेरा के कमलेश लोधी, हीरा अहिरवार, राजेश अहिरवार,समर्रा के सुखदीन साहू, शीला चढ़ार, जगदीश आदिवासी, लखन आदिवासी, कैलाश लोधी,कामता सौंर, बुजलाल पाल, विमलेश सहित अनेक हितग्राही आज भी भू स्वामी अधिकार पत्र लेकर आवास निर्माण की जमीन के लिए भटक रहे है।

शासन की योजना की योजना के तहत जो भू अधिकार प्रमाण पत्र हितग्राहियों को वितरण किए गए है। उस मामले को दिखवाता हूं और जमीन को चिन्हित करके कब्जा भी दिलवाया जाएगा।

विवेक श्रोतिय, कलेक्टर टीकमगढ़।

Published on:
05 Jan 2026 11:11 am
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