कोचिंग सेंटर से आते छात्र और छात्राएं
कलेक्टर दो बार टीएल बैठक में जिला शिक्षा विभाग को दे चुके निर्देश, लेकिन नहीं हुई कार्रवाई
टीकमगढ़. दिल्ली और इंदौर की कोचिंग सेंटरों में हुई छात्रों की मौत ने देश के साथ प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। ऐसी घटनाओं को देख कलेक्टर ने टीएल बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी को टीम बनाकर जांच करने के निर्देश दिए थे, लेकिन जिम्मेदार चुप है।
नगर की नंदीश्वर कॉलोनी, बम्हाण कॉलोनी, सिविल लाइन, ताल दरवाजा के साथ अन्य सैकड़ों स्थानों पर कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे है। कई सेंटर ऊपर और नीचे तल में संचालित हो रहे है, लेकिन उनके पास कोई सुरक्षा के इंतजार नहीं है। जहां पर दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। उनकी जांच के लिए कलेक्टर ने टीएल बैठक में निर्देश दिए थे, लेकिन जिम्म्मेदार विभाग के अधिकारियों ने आज तक कोई पहल नहीं की है।
कोचिंग सेंटरों पर नहीं है सुरक्षा के इंतजाम
शहर के मऊचंगी रोड, कुंवरपुरा रोड, भटनागर कॉलोनी, न्यू सिविल लाइन, सुभाषपुरम कॉलोनी, नंदीश्वर कॉलोनी, मोटे का मोहल्ला, इंदिरा कॉलोनी, बौरी दरवाजा, कटरा बाजार, ढोंगा, सिंधी धर्मशाला के पास के साथ अन्य स्थानों पर कोचिंग सेंटर संचालित है, लेकिन संचालकों ने सुरक्षा के इंतजार नहीं है। यहां तकअग्नि शमन यंत्र और अन्य व्यवस्थाएं भी नहीं है। जिम्मेदार सब कुछ जानने के बाद चुप्पी साधे हुए है।
उमड़ती है भीड़
इन संस्थाओं से क्लासें खत्म होने के बाद छात्रों का हुजूम सा निकलता है। इसी समय मनचले सक्रीय होते है तो पूरी सडक़ों पर अफ रा-तफ री सी फैल जाती है। विदित हो कि कुंवरपुरा रोड़ पर तो आए दिन विवाद की स्थिति निर्मित होती रहती है। ऐसे में लोगों ने प्रशासन से इस पर ध्यान देकर कार्रवाई करने की बात कही है। ताकि इन मनचलों पर लगाम लग सके।
इनका कहना
मैं अभी हाई कोर्ट में काम से आया हूं।
आई एल अठ्या, जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़।
मुझे इस मामले में कोई जानकारी नहीं है, कोचिंग सेंटरों का किस श्रेणी में पंजीयन होता है। हालांकि निजी स्कूलों की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए कलेक्टर ने कब निर्देश दिए यह भी पता नहीं है।
आरएल पारासर, जिला सांख्यकी अधिकारी जिला शिक्षा कार्यालय टीकमगढ़।