शहर के युवाओं पर इन दिनों टैटू का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है
टीकमगढ़.शहर के युवाओं पर इन दिनों टैटू का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। युवा फैशन के इतने दीवाने है, कि कोई भी नई चीज आजमाने से पीछे नहीं हट रहा है। फि र चाहे बात ट्रेंडी ब्रेसलेट, टोपी, ईयररिंग या फि र हाथों और गर्दनों में महादेव सहित त्रिशूल के टैटू हो।
शैलेश जैन ने बताया कि इन दिनों युवा टैटू में अपनी रूचि ज्यादा दिखा रहे हैं। जिसके कारण पेटिंग से टैटू बनाने लगा हूं। हालाकिं यह आधुनिकता का रूप धारण किए आज के टैटू का चलन बहुत पुराना है। अगर टैटू के इतिहास की बात करें तो आदिवासी समुदाय खास तौर पर अपने शरीर में विशेष निशान बनवाते थे। जो उनके कबीले का प्रतीक होता था। टैटू का उपयोग इलाज के लिए भी किया जाता था। इन दिनों बॉडी टैटू का क्रेज युवाओं में बढ़-चढ़कर देखने को मिल रहा है। टीकमगढ़ शहर में भी दिखने लगा है। यही कारण है कि शहर में टैटू आर्टस्टि काम कर रहे हैं।
श्रंगार में हुआ टैटू का प्रदर्शन
धीरे-धीरे टैटू श्रृंगार और प्रेम प्रदर्शन का माध्यम बनता चला गया। महिलाएं हाथों में ब्रेसलेट और चुडयि़ां, पैरों में पायल की जगह, तरह-तरह की डिजाइन का गोदना करवाने लगती थी। उसके बाद प्रेमी-प्रेमिका अपने साथी का नाम लिखवाने लगे। गोदना में टैटू तक का सफ र तय करने के दौरान काफ ी परिवर्तन आ चुके है। युवाओं ने इसे फैंशन बना लिया है।
टैटू की बढी मांग
शैलेश जैन और अंशुल सेन ने बताया कि लोग टैटू के माध्यम से ज्यादातर निशानों के साथ अपना या भगवान का नाम बनवाते है। लेकिन अब लाइफ स्टाइल के साथ-साथ टैटू के डिजाइन, आकार, प्रकार सब बनाए जा रहे है। यह युवाओं के मन को भा रहे है।
अधिकतर बना रहे तितली और त्रिशुल
टैटू डिजाइनर शैलेश जैन ने बताया कि अधिकतर लोग तितली, फू ल, डमरू, शिव, त्रिशूल अपने जीवनसाथी या बच्चों के नाम का टैटू बनवाना पसंद कर रहे है। लोगों के स्वभाव, स्टाइल और जरूरतों को समझते हुए उसी हिसाब से टैटू बनवाने की सलाह देते है।