टीकमगढ़

किसानों ने यूरिया खाद के लिए रुपए जमा करके कटवाए थे टोकन

Dec 05, 2025
एक महीने से सोसायटी और डबल लॉक के लगा रहे चक्कर, न यूरिया मिला और न ही वापस मिले रुपए
एक महीने से सोसायटी और डबल लॉक के लगा रहे चक्कर, न यूरिया मिला और न ही वापस मिले रुपए

टीकमगढ़ जिले में डीएपी और यूरिया खाद की सरल व्यवस्था कलेक्टर ने की थी। इसमें पहले रुपए जमा करके टोकन कटाओ और निश्चित तारीख पर खाद प्राप्त करो। लेकिन यह व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। एक महीने पहले कटवाए गए टोकन पर समिति और डबल लॉक वितरण केंद्र पर आज तक यूरिया खाद नहीं दिया गया है। जिसके लिए किसान आज भी भटक रहा है।

डीएपी के बाद यूरिया खाद को लेकर किसानों की समस्या दिनदिनों बढ़ती हा रही है। हालांकि प्रशासन द्वारा विशाखा पट्टनम और छतरपुर, सागर से यूरिया मंगवाया जा रहा है। लेकिन कई केंद्रों पर कर्मचारियों की लापरवाही से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसको लेकर किसानों की समस्याएं बढ़ती जा रही है। किसानों का कहना था कि समय पर यूरिया खाद दिलाई जाए। जिससे गेंहू में लगने वाले पहली सिंचाई के गुरयाना का समाधान हो सके।

एक महीने पहले काट दिया यूरिया खाद का टोकन

हनुमान सागर के किसान बालकिशन राजपूत ने बताया कि नयाखेरा सोसायटी में चार बोरी यूरिया के लिए ३० अक्टूबर को टोकन कटवा लिया था। उसके रुपए भी जमा करवा लिए थे। उन चार यूरिया की बोरियों के लिए आज तक समिति और विपणन के चक्कर काट रहे है। जिम्मेदारों द्वारा न तो यूरिया दी जा रही है और न ही रुपए वापस किए जा रहे है। केंद्रों के चक्कर लगाते लगाते परेशान हो गए है। इस कारण से महंगे दामों में यूरिया खरीद ली है।

टोक न के बाद नहीं मिला डीएपी, जनसुनवाई में की शिकायत

खरगापुर के मनपसार निवासी किसान रामदास लोधी ने बताया कि अक्टूबर में डीएपी के लिए समिति पर टोकन कटवाया था। लाइनों में लगे, लेकिन डीएपी नहीं मिला। अब समिति वाले खाद और रुपए देने को तैयार नहीं है। मामले की शिकायत जनसुनवाई में भी की है। लेकिन समाधान नहीं किया जा रहा है। मामले में कृषि विभाग के उपसंचालक अशोक कुमार शर्मा से संपर्क किया गया। उन्हें खाद की व्यवस्थाओं को लेकर संदेश भेजा गया, लेकिन कोई जबाव नहीं दिया गया है।

जिन किसानों ने टोकन कटवा लिया और खाद नहीं मिला। उन किसानों को चिन्हित किया जाएगा। उनक ो खाद देने की चर्चा वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाएगी। जिससे समस्या का समाधान हो सके।

राजेश श्रीवास्तव, प्रबंधक, सहकारी मर्यादित बैंक टीकमगढ़।

Updated on:
05 Dec 2025 03:43 pm
Published on:
05 Dec 2025 03:43 pm