नपा ने किया नोटिस जारी
फर्जी तरीके से लिए लाभ की राशि जमा करने दिया नोटिस, सात दिवस राशि जमा नहीं हुई तो होगी एफआईआर
टीकमगढ़. नगर पालिका क्षेत्र में रहने वाले पति-पत्नी ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी का लाभ लेने के लिए गलत जानकारी देकर दोनों ने ४ लाख २५ हजार रुपए का लाभ ले लिया है। जिसमें पत्नी ने एक स्वयं की समग्र आईडी बनवाई, जिसमें पति को शामिल नहीं किया और माता पिता की आईडी में भी नाम जुड़वा लिया। जबकि वह आशा कार्यकर्ता के पद पर पदस्थ है। शिकायत पर जांच कार्रवाई की गई। ७ दिवस में योजना की षणयंत पूर्वक ली गई राशि को जमा करने के नोटिस नगरपालिका अधिकारी ने दिए है। राशि जमा नहीं होने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
शिकायतकर्ता नरेंद्र कुमार कड़ा ने बताया कि नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड २१ में रहने वाले अशोक कड़ा से वार्ड २२ की रहने वाली सीमा कडा का विवाह आठ पहले हुआ था। वार्ड २१ में आशा कार्यकर्ता के पद पर पदस्थ भी है। दोनों एक ही जगह पर रहते है। लेकिन सीमा ने स्वयं की ४२८९२९३२ समग्र आईडी वर्ष २०१४ में बनवा ली। जिसमें दो सदस्यों को जुडवा लिया। दूसरी ४१५०४९८४ समग्र आईडी वर्ष २०१४ में बनवा ली। जिसमें तीन सदस्य अन्य जुड़े है। वहीं पति अशोक कड़ा २९२८२३२४ समग्र आईडी में जुडा है। इस आईडी में एक राज कड़ा का नाम मैच हो रहा है। पति की आईडी में पत्नी सीमा का नाम दर्ज नहीं है। दोनों ने षंडयंत पूर्वक प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन किए। इस योजना में अशोक कडा को २ लाख और सीमा कडा को २ लाख २५ हजार रुपए का लाभ मिल गया। सीमा को ढोंगा में आवास मिला और अशोक ने नजरबाग के सामने बनवा लिया है।
शिकायत पर हुई जांच
पीडि़त ने मामले की जांच के लिए शिकायत कलेक्टर, सीएमएचओ, एसपी, नगरपालिका अध्यक्ष और नगरपालिका सीएमओ को दी गई। शिकायत के आधार पर जांच टीम बनाई गई। जांच नगरपालिका के उपयंत्री द्वारा की गई। जांच में फर्जी समग्र आईडी पाई गई। जिसके आधार पर दोनों की जांच की गई। जांच में दोनों पति पत्नी में से किसी एक को योजना का लाभ दिया जाता है। लेकिन अशोक पुत्र मुन्ना कडा को २ लाख रुपए और सीमा पुत्री महेश कडा को २ लाख २५ हजार रुपए की राशि खातों में पहुंच चुकी है।
सीएमओ ने राशि जमा करने पति-पत्नी को दिया नोटिस
नगरपालिका सीएमओ ने नोटिस में बताया कि दोनों पति पत्नी को प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में अलग-अलग दस्तावेजों के आधार पर लाभ लिया था। दोनों के बैंक खाते में ४ लाख २५ हजार रुपए की सरकारी राशि पहुंच चुकी है। उसको वापस लेने के लिए ९ अक्टूबर को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा कि सात दिवस में आवास की राशि वापस करें। अगर राशि जमा नहीं होती है तो एफआईआर दर्ज की जाएगी।