Ladli Behna Yojana: लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत हर महीने मिलने वाली राशि में बड़ा झोल सामने आया है। जहां पर हर मिलने वाली राशि को बैंक काट लेता था।
Ladli Behna Yojana: मध्यप्रदेश की सबसे चर्चित योजनाओं में से एक लाड़ली बहना योजना के साथ बड़े खेल का मामला सामने आया है। जहां लाड़ली बहना योजना के तहत हर महीने मिलने वाली राशि बैंक के द्वारा काटी जा रही थी। जिसके चलते हर महीने आने वाली किस्त से महिला वंचित रह गई।
यह पूरा मामला टीकमगढ़ जिले का है। यहां बैंक की लापरवाही से परेशान होकर लाड़ली बहना ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद उपभोक्ता फोरम ने लाड़ली बहना योजना के तहत हर मिलने वाली राशि में से बैंक द्वारा काटी जा रही किस्त को गलत बताया और काटे गए कुल 17 हजार 671 रुपए वापस करने और बैंक पर लापरवाही बरतने के लिे जुर्माना लगाया है।
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता संदीप रिछारिया ने बताया कि उनकी पक्षकार रंजना खरे निवासी निवाड़ी वार्ड नंबर प्रधानपुरा जतारा स्टेट बैंक शाखा से स्ट्रीट वेंडर योजना के तहत 20 हजार रुपए का लोन लिया था। लोन को 18 नवंबर 2022 में पूरी तरह से चुका दिया गया था। बैंक से एनओसी भी ले ली गई थी और लोन खाता बंद कर दिया गया था। फिर भी बैंक द्वारा दूसरे खाते से लाड़ली बहना योजना के पैसे काटे जा रहे थे।
शिकायतकर्ता रंजना खरे ने बताया कि बैंक में उन्होंने इसकी शिकायत की थी, लेकिन बैंक द्वारा इस मामले पर ध्यान नहीं दिया। जिसके बाद उन्होंने वकील के माध्यम से बैंक को नोटिस जारी किया। इसके बावजूद भी बैंक ने कोई जवाब नहीं दिया। ऐसे में उन्होंने इस मामले में उपभोक्ता फोरम की शरण ली।
वकील संदीप रिछारिया ने बताया कि बैंक के द्वारा लाड़ली बहना योजना शुरू होने के बाद से 11 जून 2023 से 23 जुलाई 2024 तक कुछ 17 किस्तें काटकर 17671 रुपए उनके लोन खाते में जमा करना बताया गया है। जबकि लोन खाता पहले से बंद किया जा चुका था। इसके बाद बैंक ने भी इस मामले पर ध्यान नहीं दिया।
इस पूरे मामले में सुनवाई के बाद उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष सनत कुमार कश्यप, सदस्य प्रीति सिंह परमार एवं संजीव सिंह ने इसे बैंक की लापरवाही मानी। इसके बाद निर्देश दिए कि बैंक रंजना खरे के लाड़ली बहना योजना के काटे गए 17671 रुपए वापस करने के साथ ही सेवा में कमी के लिए 20 हजार रुपए और वाद व्यय के 5 हजार रुपए अदा करेगा। बैंक को यह राशि 45 दिन में देनी होगी। अगर 45 दिन में राशि नहीं दी जाती तो उस पर 9 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।