रौरइया नरैया मोहल्ला।
चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति, हर गली और मोहल्लों में बनाए गए प्लास्टिक और रबर ज्वलनशील सामग्री के गोदाम
टीकमगढ़. शहर की घनी आबादी और सकरी गलियों में दुकानदार बगैर अनुमति से गोदामों का संचालन कर रहे है। ऐसे गोदामों में विगत डेढ दशक में छह से अधिक स्थानों पर भीषण आगजनी की दुर्घटनाएं घटित हो चुकी है। जिसमें करोड़ों का नुकसान संचालक को हुआ और साथ ही नगर पालिका, जिला प्रशासन को परेशान होना पड़ा। इसके बावजूद भी जिम्मेदार नहीं चेते। गोदामों को चिंन्हित करने की कार्रवाई में खानापूर्ति ही की गई है। वहीं घटना फिर से ढोंगा मंडी रोड़ तेल फैक्ट्री में हुई। अब जिला प्रशासन मौन साधे हुए है।
१४ मार्च की सुबह ढोंगा मंडी रोड के पास मठोले साहू ट्रेनिंग कंपनी की तेल फैक्ट्री में आग लग गई थी। इस आग को छह फायर ब्रिगेड वाहनों ने १० घंटों में काबू पाया था। तेल से भडक़ती आग से आसपास बने मकान मालिकों की सांसे फूल रही थी। उनके बचाव में जिला प्रशासन के साथ नगर वासी भी जुटे थे। इस भीषण आग से निपटने के लिए गोदाम मालिक के पास के कोई सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। इस बढ़ी चूक से लाखों और करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा। जिसमें सैकड़ों लोगों को त्योहार के दिन परेशान होना पड़ा। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने हरकत में नहीं आया है।
इन गलियों में ज्वलनशीन वस्तुओं के गोदाम
शहर की हिमालचल गली, प्रधानपुरा गली, ठगन की गली, रौरइया, नरैया मोहल्ला की गली, ढोंगा रोड, मोटे का मोहल्ला, कटरा बाजार, पपौरा चौराहा, गांधी चौराहा और सैलसागर चौराहा, जवाहर चौराहा, राजमहल पर कई प्रकार की दुकानें और गोदामों का संचालन बगैर सुरक्षा के संचालित हो रहे है। इन गोदामों में आगजनी की दुर्घटनाओं से निपटने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है।
इन स्थानों पर घटित हो चुकी आगजनी की बड़ी दुर्घटनाएं
वर्ष 2008 के करीब कटरा बाजार के गोदाम में आग लग गई थी। एक मई २०१६ में जवाहर चौराहा के कपड़े के दुकान। इसके बाद राजमहल रोड प्लास्टिक के गोदाम, कोतवाली के पास, २४ जुलाई 2024 में नगर भवन के सामने कपड़े के शोरूम में आग लग गई थी। १४ मार्च २०२५ को मठोले साहू ट्रेनिंग कंपनी की तेल फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। जिसमें काफी नुकसान बताया गया है।
वर्ष 2022 में शासन ने जारी किया था आदेश
शहर में संचालित शोरूम और दुकानों में अग्नि सुरक्षा के लिए आदेश जारी किए गए थे और नगरपालिका और नगरपरिषदों से फ ायर सेफ्टी को लेकर प्रमाण पत्र लेना था। यहां तक नगरपालिका और प्रशासन द्वारा सुरक्षा को लेकर कोई पहल नहीं की गई है। जिसको लेकर 99 फ ीसदी दुकानें और शोरूम बगैर अग्नि सुरक्षा के संचालित हो रहे है।
नगरपालिका ने कराया था बाउंड्रीवाल का निर्माण
बताया गया कि ५० एकड के ढोंगा मैदान के चारों ओर बाउंड्रावल नगरपालिका ने करोड़ों रुपए की लागत से कराया था। उसकी साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था नगर पालिका के जिम्मे है। इन्हीं को मैदान के चारों ओर उजाला के लिए लाइटें और डिवाइडर में पौधों का रोपण किया जाना था, लेकिन इनके द्वारा तीन सालों से देखरेख नहीं की जा रही है। जिसके कारण मैदान की सौंदर्यता खत्म होती जा रही है। इसके लिए पार्षद भी कई बार लिखित और मौखिक शिकायत कर चुके है।
इनका कहना
शहर के अवैध गोदामों का सर्वे शुरू कराया जाएगा। कॉलोनियां और रहवासी क्षेत्र में बने गोदामों को खाली कराने की कार्रवाई की जाएगी। जिससे आगजनी के साथ अन्य दुर्घटनाओं का सामना नहीं करना पड़े।
ओमपाल सिंह भदौरिया, सीएमओ नगरपालिका टीकमगढ़।