टीकमगढ़

एमपी में पीजी कॉलेज का बाबू 1 लाख रिश्वत लेते पकड़ाया, लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई

MP News: बुजुर्ग स्वीपर की मेहनत की कमाई रोककर बाबू मांग रहा था 2.5 लाख रुपये रिश्वत, लोकायुक्त के छापे से शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप।

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lokayukta caught pg college clerk taking bribe 1 lakh Rs

MP News: मध्यप्रदेश में एक बार फिर लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोर को रंगेहाथों पकड़ा है। मामला टीकमगढ़ जिले का है जहां जिले के मंगलवार को जिले के सरकारी कॉलेज में भ्रष्टाचार का बड़ा चेहरा बेनकाब हुआ। यहां लोकायुक्त टीम ने कॉलेज की तालकोठी शाखा में पदस्थ बाबू को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। रिश्वतखोर बाबू एक रिटायर्ड स्वीपर से उसकी मेहनत की कमाई दिलाने के एवज में 2.5 लाख रुपये मांग रहा था। रिटायर्ड स्वीपर के बेटे ने लोकायुक्त में रिश्वतखोर बाबू की शिकायत की थी। इस मामले में कॉलेज के प्राचार्य सहित अन्य स्टाफ पर भी रिश्वतखोरी के खेल में शामिल होने के आरोप लगे हैं।

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2.5 लाख रुपये रिश्वत मांग रहा था बाबू, 50 हजार ले चुका था

शिकायतकर्ता देवेंद्र वाल्मीकि के अनुसार उसके पिता हरिकिशन वाल्मीकि हाल ही में कॉलेज से स्वीपर पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके एरियर, अर्जित अवकाश और समयमान वेतनमान की फाइल आगे बढ़ाने के बदले तालकोठी शाखा में पदस्थ बाबू नितिन मिश्रा ने 2 लाख रुपए रिश्वत और साथ ही उसे यानी देवेन्द्र को कॉलेज में नौकरी दिलाने के नाम पर अलग से 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। फरियादी देवेन्द्र के पिता 50 हजार रुपये पहली किस्त के तौर पर बाबू नितिन को दे चुके थे। इसके बाद जब बेटे देवेन्द्र को इसका पता चला तो उसने लोकायुक्त कार्यालय सागर में बाबू की शिकायत दर्ज कराई।

दूसरी किस्त में 1 लाख लेते रंगेहाथों पकड़ाया बाबू

फरियादी देवेंद्र की शिकायत की लोकायुक्त ने जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर मंगलवार को जाल बिछाकर फरियादी को रिश्वतखोर बाबू नितिन के पास 1 लाख रुपये देने के लिए भेजा। फरियादी ने दूसरी किश्त के एक लाख रुपये देने के लिए संपर्क किया तो बाबू नितिन ने पैसे देने के लिए उसे कॉलेज में बुलाया। जैसे ही बाबू नितिन ने रिश्वत के रुपये फरियादी देवेन्द्र से लिए तो सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया।

बाबू नहीं, प्राचार्य सहित अन्य पर भी गंभीर आरोप

रिश्वतखोरी के इस मामले ने तब और बड़ा मोड़ आया जब शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त के सामने आरोप लगाया कि रिश्वतखोरी का यह खेल अकेले बाबू तक सीमित नहीं था। देवेंद्र ने कॉलेज प्राचार्य केसी जैन, सुनील चौरसिया और जयप्रकाश दीक्षित के नाम लेते हुए कहा कि यह पूरा नेटवर्क मिलीभगत से काम कर रहा था और रिश्वत के रुपयों में इन सभी का भी हिस्सा था।

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Published on:
12 May 2026 09:09 pm
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